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बांदा, चित्रकूट की सीट भाजपा के कब्जे में

Sat, 26 Jun 2021 11:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 26 Jun 2021 11:39 PM IST
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Banda, Chitrakoot seat in the possession of BJP
बांदा/चित्रकूट। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रमुख विपक्षी दल सपा और बसपा को भारी झटका लगा है। इन दोनों दलों के प्रत्याशियों के निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन पत्र रद्द कर दिए। इसके बाद अब भाजपा प्रत्याशी सुनील पटेल के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो गया है। सपा और बसपा में इसे लेकर भारी नाराजगी है। अफसरों पर सत्तारूढ़ दल के दबाव में काम करने के आरोप लगाए हैं। उधर, चित्रकूट में भाजपा के प्रदेश मंत्री व जिपं सदस्य अशोक जाटव के खिलाफ किसी के दावेदारी न ठोकने से उनके निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो गया है।
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शनिवार को कलक्ट्रेट में तीनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। तीन बजे नामांकनपत्रों की जांच हुई। कुछ ही देर बाद शाम को सहायक निर्वाचन अधिकारी के हस्ताक्षरों से प्रारूप-तीन पर जारी आदेश में बसपा प्रत्याशी अरुण कुमार और सपा प्रत्याशी रजनी के नामांकन पत्र अस्वीकार कर दिए गए। बसपा प्रत्याशी के नामांकन में तीन और सपा प्रत्याशी रजनी के नामांकन में एक कमी बताई गई। दोनों ही प्रत्याशियों की आपत्ति में जाति प्रमाणपत्र न संलग्न किया जाना बताया गया है। बसपा समर्थित प्रत्याशी अरुण के नामांकन में निर्धारित प्रारूप पर शपथ पत्र की नोटरी न कराने और जाति प्रमाण पत्र की छाया प्रति न संलग्न करने की बात कही गई है। उधर, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम संतोष बहादुर सिंह ने बताया कि दोनों ही प्रत्याशियों ने जांच के दौरान जाति प्रमाणपत्र मूल रूप से भी नहीं दिखाए।
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एडीएम के मुताबिक, दोनों को बुलवाकर जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने का मौका दिया गया था। 30 वार्डों की जिला पंचायत में सर्वाधिक 11 सदस्य बसपा समर्थित बताए गए हैं। सपा के सात सदस्य बताए जा रहे और पांच सदस्य निर्दलीय हैं। भाजपा का पलड़ा काफी कमजोर माना जा रहा था। उधर, चित्रकूट में जिला पंचायत अध्यक्ष पद प्रत्याशी अशोक जाटव ने नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके खिलाफ किसी अन्य दल ने दावेदारी नहीं ठोकी है। शनिवार को राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, सांसद आरके सिंह पटेल, मानिकपुर विधायक आनंद शुक्ला, जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश खरे, पूर्व सांसद रमेशचंद्र द्विवेदी, पालिकाध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, पंकज अग्रवाल, सुशील द्विवेदी, पुरुषोत्तम पांडेय आदि के साथ भाजपा प्रत्याशी अशोक जाटव कलक्ट्रेट पहुंचे।
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उन्होंने एक-एक घंटे के अंतराल में डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ला को तीन सेटों में नामांकन पत्र सौंपा। तीनों बार दो अलग अलग प्रस्तावक रहे। जिसमें दो प्रस्तावक ऐसे रहे जो बसपा समर्थित होने पर जीते हैं। सपा में अनुसूचित जाति का कोई जिपं सदस्य न होने से नामांकनपत्र नहीं भर सके। अपराह्न तीन बजे तक बसपा की ओर से भी कोई नामांकन पत्र नहीं खरीदा गया।
दबाव में किया खारिज, जाएंगे अदालत
सपा समर्थित प्रत्याशी रजनी यादव का कहना है कि जांच के दौरान उन्होंने जाति प्रमाणपत्र की फोटो कापी प्रस्तुत की थी, लेकिन यह कहकर वापस कर दिया कि नोटरी से प्रमाणित नहीं है। रजनी ने आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में उनका नामांकनपत्र खारिज किया गया है। वह इसके विरुद्ध न्यायालय में जाएंगी। उधर, बसपा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बल्देव वर्मा ने कहा कि प्रशासन ने सत्ता केे दबाव में खुलेआम दबंगई की है। उनके प्रत्याशी के नामांकन पत्र से कागज हटा दिए गए। पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि इस पर खामोश नहीं बैठा जाएगा। कानूनी सलाह लेकर अगला कदम उठाया जाएगा। बसपा के सबसे ज्यादा 11 सदस्य हैं।
गले नहीं उतर रहीं बताई गईं खामियां
दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के नामांकनपत्र खारिज करने में बताई जा रहीं कमियां तमाम लोगों के गले नहीं उतर रहीं। जाति प्रमाणपत्र संलग्न न किए जाने को नामांकन पत्र खारिज करने का आधार बना लिया जाना निर्वाचन आयोग के निर्देशों के खिलाफ बताया जा रहा है। दोनों दलों के नेताआें और अन्य जानकारों का कहना है कि आयोग के यह काफी पुराने आदेश है कि मामूली कमियों पर नामांकन खारिज न किया जाए, बल्कि प्रत्याशियों से उन्हें दुरुस्त करा लिया जाए। लोगों का कहना है कि जिसकी लाठी उसी की भैंस की राजनीति इस चुनाव में अपनाई गई।
तीसरी बार निर्विरोध, तीसरा भाजपा का अध्यक्ष
चित्रकूट। जनपद में जिला पंचायत सीट के लिए तीसरी बार निर्विरोध अध्यक्ष भाजपा प्रत्याशी अशोक जाटव हुए हैं। दस्यु ददुआ के पुत्र वीर सिंह ने सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष निर्विरोध पहली दफा 2005 में जीत कर जिले की राजनीति में नया मोड़ दिया था। दोबारा सपा से ही 2015 में मैना देवी निर्विरोध अध्यक्ष चुनी गई थीं। डेढ़ दशक बाद भाजपा ने यह सीट हासिल की है। इसके पहले भाजपा का सबसे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष बद्री विशाल त्रिपाठी हुए थे। इसके बाद फिर भाजपा की उजेरिया देवी अध्यक्ष बनीं थीं। इसके अलावा बसपा से रमेश पटेल व सपा से शिवशंकर यादव भी अध्यक्ष रह चुके हैं।

पांच सीट वाली पार्टी का बनेगा अध्यक्ष
चित्रकूट। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा बसपा ने भाजपा को मैच होने की घोषणा के पहले ही जीत दे दी। बिना मैदान में उतरे ही हार मान ली और भाजपा के पास बहुमत न होने के बावजूद एकतरफा घर बैठे जीत मिल गई। जिला पंचायत के कुल 17 सदस्य हैं, जिसमें बहुमत के लिए 9 सदस्यों का समर्थन होना जरूरी है। भाजपा समर्थन के पांच, सपा समर्थन के पांच व बसपा समर्थन के छह समेत एक भाकियू समर्थन का सदस्य है। (संवाद)
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