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बांदा : हर हादसे के बाद धरपकड़, फिर चुप्पी साधने का चलन
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Banda: Caught after every accident, then the practice of keeping silence
- फोटो : BANDA
बांदा। शुक्रवार को नरैनी रोड पर इनोवा की टक्कर से आटो पर सवार छह यात्रियों की मौत और इतने ही यात्रियों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना में जिले की ट्रैफिक व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। पुलिस और परिवहन विभाग ओवरलोडिंग के खिलाफ आए दिन चेकिंग की रस्म अदायगी और मीडिया को कार्रवाई के आंकड़े परोसकर अपनी पीठ थपथपा लेती है। दूसरी तरफ इस कार्रवाई का ओवरलोडिंग पर तनिक भी असर नहीं पड़ रहा।
शहर से लेकर कस्बों और गांवों तक तिपहिया वाहनों की बाढ़ सी आ गई है। बैंकों से फाइनेंस और सरकारी योजनाओं में भी इनके आवंटन में गांव-गांव तिपहिया वाहन पहुंचा दिए हैं। नाबालिग सवारियों से भरे तिपहिया वाहन दौड़ा रहे हैं।
ये पुलिस थानों व चौकियों के सामने से रोजाना ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते ये वाहन बेधड़क गुजर रहे हैं। पुलिस या परिवहन विभाग इन पर लगाम लगाने का कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। नतीजे में आए दिन निर्दोष राहगीरों और यात्रियों को जान गंवाना पड़ रही है।
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शुक्रवार को छह लोगों की जान लेने वाली घटना के पूर्व भी जिले के जमुनी पुरवा में नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे अवैध ढंग से खड़े किए गए ट्रक से कार टकरा जाने पर छह लोगों की मौत हो गई थी। बड़ा हादसा होने के बाद कुछ दिन पुलिस और परिवहन विभाग ओवरलोडिंग वाहनों की चेकिंग तथा धरपकड़ की खानापूरी करने के बाद चुप्पी साध लेते हैं। आरोप तो यह भी लगते हैं कि अवैध वाहनों का संचालन करने वालों की इन विभागों से सांठगांठ है।
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शहर से लेकर कस्बों और गांवों तक तिपहिया वाहनों की बाढ़ सी आ गई है। बैंकों से फाइनेंस और सरकारी योजनाओं में भी इनके आवंटन में गांव-गांव तिपहिया वाहन पहुंचा दिए हैं। नाबालिग सवारियों से भरे तिपहिया वाहन दौड़ा रहे हैं।
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ये पुलिस थानों व चौकियों के सामने से रोजाना ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते ये वाहन बेधड़क गुजर रहे हैं। पुलिस या परिवहन विभाग इन पर लगाम लगाने का कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। नतीजे में आए दिन निर्दोष राहगीरों और यात्रियों को जान गंवाना पड़ रही है।
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शुक्रवार को छह लोगों की जान लेने वाली घटना के पूर्व भी जिले के जमुनी पुरवा में नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे अवैध ढंग से खड़े किए गए ट्रक से कार टकरा जाने पर छह लोगों की मौत हो गई थी। बड़ा हादसा होने के बाद कुछ दिन पुलिस और परिवहन विभाग ओवरलोडिंग वाहनों की चेकिंग तथा धरपकड़ की खानापूरी करने के बाद चुप्पी साध लेते हैं। आरोप तो यह भी लगते हैं कि अवैध वाहनों का संचालन करने वालों की इन विभागों से सांठगांठ है।