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बांदा : साढ़े 30 साल चला केस, एक हजार जुर्माना हुआ
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बांदा। करीब 30 साल 6 माह चली सुनवाई के बाद अदालत ने अनुसूचित जाति महिला के साथ मारपीट करने वाले को दोषी करार दिया। तीन धाराओं में एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर 10 दिन जेल होगी।
विशेष लोक अभियोजक विमल सिंह ने बताया कि छनेहरा लालपुर गांव की दुजिया ने कोतवाली देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 फरवरी 1992 को सहेवा हार स्थित खेत देखने गई थी। गांव का अंतू उसके खेत की मसूर उखाड़ रहा था। मना करने पर डंडों से पीट दिया।
पुलिस ने एससीएसटी समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी) मोहम्मद कमरुज्जमां खान ने आरोपी अंतू को दोषी पाते हुए अलग-अलग धाराओं में जुर्माना की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक जावत्री प्रसाद विश्वकर्मा व महेंद्र कुमार द्विवेदी ने भी पैरवी की।
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विशेष लोक अभियोजक विमल सिंह ने बताया कि छनेहरा लालपुर गांव की दुजिया ने कोतवाली देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 फरवरी 1992 को सहेवा हार स्थित खेत देखने गई थी। गांव का अंतू उसके खेत की मसूर उखाड़ रहा था। मना करने पर डंडों से पीट दिया।
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पुलिस ने एससीएसटी समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी) मोहम्मद कमरुज्जमां खान ने आरोपी अंतू को दोषी पाते हुए अलग-अलग धाराओं में जुर्माना की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक जावत्री प्रसाद विश्वकर्मा व महेंद्र कुमार द्विवेदी ने भी पैरवी की।
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