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40 करोड़ खर्च के बावजूद बांदा-बबेरू राज्य मार्ग अधूरा
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गड्ढों में तब्दील बबेरू-बांदा रोड।
- फोटो : BANDA
बांदा। 40 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद बांदा-बबेरू राज्यमार्ग का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। कार्यदाई संस्था के अफसरों की मिलीभगत से सड़क निर्माण में हेड बदलकर करोड़ों रुपये का घालमेल किया गया है। जिसका परिणाम है कि छह साल से सड़क अधूरी पड़ी है। शासन के आदेश पर सड़क निर्माण की गुणवत्ता को परखने के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।
बांदा-बबेरू मुख्य राज्य मार्ग के किलोमीटर एक से 39 तक निर्माण का प्रस्ताव वर्ष 2015-16 में स्वीकृत हुआ था। इसके लिए शासन ने 40 करोड़ की धनराशि जारी की थी। नवंबर 2016 में मार्ग का निर्माण शुरू हुआ, लेकिन अफसरों ने हेड बदलकर सड़क निर्माण के पैसों में घालमेल किया। छह साल बाद भी सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो सका।
शासन ने शिकायत के बाद पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए। शासन के आदेश पर अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। रूपेश कुमार सोनकर अधीक्षण अभियंता (निर्माण खंड-2), मान सिंह खंडीय लेखाधिकारी (निर्माण खंड-2), अजय कुमार सहायक अभियंता (प्रांतीय खंड) को सदस्य नामित किया गया है।
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अधीक्षण अभियंता ने समिति सदस्यों को निर्देश दिए हैं कि सड़क निर्माण के लिए आवंटित धनराशि किन-किन मदों में व्यय की गई और खर्च में परिवर्तन के लिए कौन उत्तरदाई है? जांच कर अभिलेखों सहित आख्या उपलब्ध कराएं, जिससे शासन को यथा स्थिति से अवगत कराया जा सके।
इस संबंध में अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र कुमार का कहना है कि बिंदुवार प्रकरण की जांच की जा रही है। जल्द जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। हेड परिवर्तन कर सड़क निर्माण के धन के दुरुपयोग की शिकायतें हैं।
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बांदा-बबेरू मुख्य राज्य मार्ग के किलोमीटर एक से 39 तक निर्माण का प्रस्ताव वर्ष 2015-16 में स्वीकृत हुआ था। इसके लिए शासन ने 40 करोड़ की धनराशि जारी की थी। नवंबर 2016 में मार्ग का निर्माण शुरू हुआ, लेकिन अफसरों ने हेड बदलकर सड़क निर्माण के पैसों में घालमेल किया। छह साल बाद भी सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो सका।
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शासन ने शिकायत के बाद पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए। शासन के आदेश पर अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। रूपेश कुमार सोनकर अधीक्षण अभियंता (निर्माण खंड-2), मान सिंह खंडीय लेखाधिकारी (निर्माण खंड-2), अजय कुमार सहायक अभियंता (प्रांतीय खंड) को सदस्य नामित किया गया है।
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अधीक्षण अभियंता ने समिति सदस्यों को निर्देश दिए हैं कि सड़क निर्माण के लिए आवंटित धनराशि किन-किन मदों में व्यय की गई और खर्च में परिवर्तन के लिए कौन उत्तरदाई है? जांच कर अभिलेखों सहित आख्या उपलब्ध कराएं, जिससे शासन को यथा स्थिति से अवगत कराया जा सके।
इस संबंध में अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र कुमार का कहना है कि बिंदुवार प्रकरण की जांच की जा रही है। जल्द जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। हेड परिवर्तन कर सड़क निर्माण के धन के दुरुपयोग की शिकायतें हैं।