{"_id":"631a2c5bae451b2f8206bd66","slug":"banda-458-died-without-helmet-ignoring-seatbelt-fell-heavy-on-124-banda-news-knp7171011155","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांदा : हेलमेट बिना बेमौत मरे 458, सीटबेल्ट की अनदेखी 124 पर पड़ी भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांदा : हेलमेट बिना बेमौत मरे 458, सीटबेल्ट की अनदेखी 124 पर पड़ी भारी
विज्ञापन
08 बीएनडीपी 01 -बांदा-फतेहपुर हाइवे पर हुये हादसे की फाइल फोटो
- फोटो : BANDA
बांदा। बुंदेलखंड की सड़कों पर हर दिन हादसे हो रहे हैं। इनमें किसी न किसी की जान जा रही है। ज्यादातर मौतें हेलमेट और सीट बेल्ट न लगाए होने से हो रहीं हैं। इसके बाद भी यहां के लोग नहीं चेत रहे हैं और बिना हेलमेट और सीट बेल्ट लगाए सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।
आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में सड़क हादसों में हेलमेट नहीं लगाने की वजह से चित्रकूटधाम मंडल के 458 लोग काल के गाल में समा गए। इसके अलावा सीट बेल्ट की अनदेखी करने वाले 124 चार पहिया वाहन चालकों ने हादसों में जान गंवाई है, यानी वर्ष 2021 में 582 लोग हादसों में मारे गए। इस साल 2022 के आठ महीने में ही 410 लोग हादसों में जान गंवा चुके हैं।
लोगों को सड़क हादसों से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाता है, उन्हें हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने के फायदे बताए जाते हैं। उस समय तो नियमों का पालन करने और हेलमेट लगाने की बात कहते हैं, लेकिन वाहन चलाते समय हेलमेट लगाने से बचते हैं।
विज्ञापन
मंडल के चारों जिलों बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा में पुलिस कुछ माह में हेलमेट लगाने के लिए जागरूकता मुहिम के साथ ही जुर्माने की कार्रवाई भी कर रही है, लेकिन दोपहिया चालकों पर इसका असर नहीं दिख रहा है। आज भी बिना हेलमेट के लोग सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।
सड़क हादसों में मौत की सबसे बड़ी वजह वाहनों की तेज गति बताई गई है। वर्ष 2021 में मंडल में हुए हादसों में तेज गति की वजह से करीब 450 वाहन चालकों की मौत हुई है, जबकि 126 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। भारी और लोडिंग वाहन चालक भी रफ्तार पर काबू नहीं रख रहे हैं।
कुछ लोग तो लापरवाही बरत रहे हैं। वर्ष 2021 में बांदा शहर में 867 लोगों पर कार-जीप चलाते समय सीट बेल्ट नहीं लगाने पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई हुई थी। वर्ष 2022 में जुलाई तक सीट बेल्ट की अनदेखी करने पर 603 लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है।
इसके बावजूद चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट की उपयोगिता को नजरअंदाज किया जा रहा है। सामान्य लोग ही नहीं जिम्मेदार नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी भी सीट बेल्ट लगाने से कतराते हैं। चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर बाइक चालक नए-नए बहाने बनाकर बचने की कोशिश करते हैं। कोई सिर दर्द की दुहाई देता है तो किसी को गर्दन की तकलीफ और घबराहट की दिक्कत होने लगती है।
वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और हेलमेट लगाना बेहद जरूरी है। ये न केवल आपकी जान को जोखिम से बचाते हैं। हेलमेट आपकी आंखों को धूल और प्रदूषण से बचाता है। सीट बेल्ट और हेलमेट न लगाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। -सत्य प्रकाश शर्मा, सीओ यातायात
मंडल में हुए हादसों में गई जान
जिला हेलमेट न लगाने से सीट बेल्ट न लगाने से
बांदा 197 41
चित्रकूट 78 23
हमीरपुर 114 39
महोबा 69 21
अनुभव
विज्ञापन
आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में सड़क हादसों में हेलमेट नहीं लगाने की वजह से चित्रकूटधाम मंडल के 458 लोग काल के गाल में समा गए। इसके अलावा सीट बेल्ट की अनदेखी करने वाले 124 चार पहिया वाहन चालकों ने हादसों में जान गंवाई है, यानी वर्ष 2021 में 582 लोग हादसों में मारे गए। इस साल 2022 के आठ महीने में ही 410 लोग हादसों में जान गंवा चुके हैं।
विज्ञापन
लोगों को सड़क हादसों से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाता है, उन्हें हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने के फायदे बताए जाते हैं। उस समय तो नियमों का पालन करने और हेलमेट लगाने की बात कहते हैं, लेकिन वाहन चलाते समय हेलमेट लगाने से बचते हैं।
विज्ञापन
मंडल के चारों जिलों बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा में पुलिस कुछ माह में हेलमेट लगाने के लिए जागरूकता मुहिम के साथ ही जुर्माने की कार्रवाई भी कर रही है, लेकिन दोपहिया चालकों पर इसका असर नहीं दिख रहा है। आज भी बिना हेलमेट के लोग सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।
सड़क हादसों में मौत की सबसे बड़ी वजह वाहनों की तेज गति बताई गई है। वर्ष 2021 में मंडल में हुए हादसों में तेज गति की वजह से करीब 450 वाहन चालकों की मौत हुई है, जबकि 126 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। भारी और लोडिंग वाहन चालक भी रफ्तार पर काबू नहीं रख रहे हैं।
कुछ लोग तो लापरवाही बरत रहे हैं। वर्ष 2021 में बांदा शहर में 867 लोगों पर कार-जीप चलाते समय सीट बेल्ट नहीं लगाने पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई हुई थी। वर्ष 2022 में जुलाई तक सीट बेल्ट की अनदेखी करने पर 603 लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है।
इसके बावजूद चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट की उपयोगिता को नजरअंदाज किया जा रहा है। सामान्य लोग ही नहीं जिम्मेदार नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी भी सीट बेल्ट लगाने से कतराते हैं। चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर बाइक चालक नए-नए बहाने बनाकर बचने की कोशिश करते हैं। कोई सिर दर्द की दुहाई देता है तो किसी को गर्दन की तकलीफ और घबराहट की दिक्कत होने लगती है।
वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और हेलमेट लगाना बेहद जरूरी है। ये न केवल आपकी जान को जोखिम से बचाते हैं। हेलमेट आपकी आंखों को धूल और प्रदूषण से बचाता है। सीट बेल्ट और हेलमेट न लगाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। -सत्य प्रकाश शर्मा, सीओ यातायात
मंडल में हुए हादसों में गई जान
जिला हेलमेट न लगाने से सीट बेल्ट न लगाने से
बांदा 197 41
चित्रकूट 78 23
हमीरपुर 114 39
महोबा 69 21
अनुभव