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बांदा : बारिश में 130 स्ट्रीट लाइट हुईं खराब, मार्गों पर छाया अंधेरा
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01बीएनडीपी01-नगर पालिका परिसर में कबाड़ की तरह पड़ी स्ट्रीट लाइटें।
- फोटो : BANDA
बांदा। बारिश के पानी से शहर की लगभग 130 स्ट्रीट लाइटें खराब हो गई हैं। नतीजतन शहर की कई सड़कें और गलियों में शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। ‘बी’ श्रेणी में शामिल नगर पालिका परिषद बांदा का दावा है कि स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायत पर प्राथमिकता से निस्तारण कराया जाता है, जबकि इस दावे की पोल खुद बंद स्ट्रीट लाइटें ही खोल रही हैं।
शहर में करीब 6000 स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। पांच दिन में लगभग 52 स्ट्रीट लाइटें खराब होने की शिकायतें आईं हैं। इनमें 34 का निस्तारण कराया जा चुका है। बारिश के मौसम में ही 120 स्ट्रीट लाइटें खराब हुईं हैं। इनकी शिकायत नगर पालिका में दर्ज हैं। हालांकि इन सभी के बदले जाने का पालिका प्रशासन दावा कर रहा है।
नगर के इन इलाकों में रहता अंधेरा
शहर के बलखंडी नाका, जवाहर नगर, इंदिरा नगर, आंबेडकर नगर, बिजली खेड़ा, खुटला, छाबी तालाब, क्योटरा, महाराणा प्रताप चौक, सर्वोदय नगर, खूंटी चौराहा, बाबा तालाब आदि मोहल्लों में कई खंभों की स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। इनके अलावा करीब 50 गलियों की स्ट्रीट लाइटें भी खराब चल रही हैं।
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एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल), लखनऊ की कंपनी की तरफ से पूरे शहर में एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। सात साल तक लाइटों की मरम्मत की जिम्मेदारी इसी कंपनी की है, लेकिन अफसरों की लापरवाही के चलते शहर का अंधेरा नहीं मिट पा रहा। पालिका प्रशासन के मुताबिक वर्ष 2018 में 4207 एलईडी लखनऊ से आई थीं।
स्ट्रीट लाइट की मरम्मत के लिए चार टीमें हैं। शिकायत मिलने पर तुरंत लाइटों को ठीक कराया जाता है। जिन खंभों में सोडियम लाइट लगी हैं, उन्हें बदलकर एलईडी लगना है। कंपनी की ओर से जल्द ही नई लाइटें लगवाई जाएंगी।-केदारनाथ, प्रभारी स्ट्रीट लाइट, नगर पालिका परिषद, बांदा।
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शहर में करीब 6000 स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। पांच दिन में लगभग 52 स्ट्रीट लाइटें खराब होने की शिकायतें आईं हैं। इनमें 34 का निस्तारण कराया जा चुका है। बारिश के मौसम में ही 120 स्ट्रीट लाइटें खराब हुईं हैं। इनकी शिकायत नगर पालिका में दर्ज हैं। हालांकि इन सभी के बदले जाने का पालिका प्रशासन दावा कर रहा है।
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नगर के इन इलाकों में रहता अंधेरा
शहर के बलखंडी नाका, जवाहर नगर, इंदिरा नगर, आंबेडकर नगर, बिजली खेड़ा, खुटला, छाबी तालाब, क्योटरा, महाराणा प्रताप चौक, सर्वोदय नगर, खूंटी चौराहा, बाबा तालाब आदि मोहल्लों में कई खंभों की स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। इनके अलावा करीब 50 गलियों की स्ट्रीट लाइटें भी खराब चल रही हैं।
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एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल), लखनऊ की कंपनी की तरफ से पूरे शहर में एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। सात साल तक लाइटों की मरम्मत की जिम्मेदारी इसी कंपनी की है, लेकिन अफसरों की लापरवाही के चलते शहर का अंधेरा नहीं मिट पा रहा। पालिका प्रशासन के मुताबिक वर्ष 2018 में 4207 एलईडी लखनऊ से आई थीं।
स्ट्रीट लाइट की मरम्मत के लिए चार टीमें हैं। शिकायत मिलने पर तुरंत लाइटों को ठीक कराया जाता है। जिन खंभों में सोडियम लाइट लगी हैं, उन्हें बदलकर एलईडी लगना है। कंपनी की ओर से जल्द ही नई लाइटें लगवाई जाएंगी।-केदारनाथ, प्रभारी स्ट्रीट लाइट, नगर पालिका परिषद, बांदा।