{"_id":"62d3054d8b85db09181db048","slug":"banda-10-crore-business-affected-by-the-closure-banda-news-knp707913243","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांदा : बंदी से 10 करोड़ का कारोबार प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांदा : बंदी से 10 करोड़ का कारोबार प्रभावित
विज्ञापन
Banda: 10 crore business affected by the closure
- फोटो : BANDA
बांदा। खाद्य वस्तुओं पर 18 जुलाई से पांच फीसदी जीएसटी लागू करने का व्यापारियों ने विरोध किया है। शनिवार को गल्ला व्यापार मंडल ने मंडी गेट पर ताला डालकर प्रदर्शन किया। हड़ताल से जिले की सात मंडियों में करीब 10 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित रहा। सरकार को 15 लाख से अधिक के राजस्व का नुकसान हुआ है।
व्यापारियों के अनुसार बांदा शहर की गल्ला मंडी में प्रति दिन करीब चार करोड़ का कारोबार होता है। इसके अलावा अतर्रा में दो करोड़, नरैनी, बिसंडा, बबेरू, तिंदवारी, मटौध में एक करोड़ का व्यापार होता है। कारोबार बंद रहने से व्यापारियों को नुकसान तो उठाना पड़ा ही, सरकार को भी लाखों के राजस्व की क्षति हुई।
उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश सर्राफ, प्रदेश संयुक्त महामंत्री चारु चंद्र खरे, गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता, महामंत्री राजकुमार, नकुल सिंह पप्पू, हरिबाबू आदि व्यापारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
व्यापारी संतोष गुप्ता अनशनकारी का कहना है। सरकार का खाद्य वस्तुओं में पांच फीसदी जीएसटी लगाने का निर्णय गलत है। मध्यम और निम्न वर्ग के करोड़ों लोगों सहित सेवा प्रदाता के साथ कुठाराघात है। इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा।
व्यापारी राकेश सिंह राठौर का कहना है कि खाद्य वस्तुओं में जीएसटी का लगाया जाना जनता व व्यापारियों के हित में नहीं है। महंगाई से लोग कराह उठेंगे। जनता के हित में जीएसटी का प्रस्ताव वापस लिया जाए। अन्यथा विरोध जारी रहेगा।
विज्ञापन
व्यापारियों के अनुसार बांदा शहर की गल्ला मंडी में प्रति दिन करीब चार करोड़ का कारोबार होता है। इसके अलावा अतर्रा में दो करोड़, नरैनी, बिसंडा, बबेरू, तिंदवारी, मटौध में एक करोड़ का व्यापार होता है। कारोबार बंद रहने से व्यापारियों को नुकसान तो उठाना पड़ा ही, सरकार को भी लाखों के राजस्व की क्षति हुई।
विज्ञापन
उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश सर्राफ, प्रदेश संयुक्त महामंत्री चारु चंद्र खरे, गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता, महामंत्री राजकुमार, नकुल सिंह पप्पू, हरिबाबू आदि व्यापारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
व्यापारी संतोष गुप्ता अनशनकारी का कहना है। सरकार का खाद्य वस्तुओं में पांच फीसदी जीएसटी लगाने का निर्णय गलत है। मध्यम और निम्न वर्ग के करोड़ों लोगों सहित सेवा प्रदाता के साथ कुठाराघात है। इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा।
व्यापारी राकेश सिंह राठौर का कहना है कि खाद्य वस्तुओं में जीएसटी का लगाया जाना जनता व व्यापारियों के हित में नहीं है। महंगाई से लोग कराह उठेंगे। जनता के हित में जीएसटी का प्रस्ताव वापस लिया जाए। अन्यथा विरोध जारी रहेगा।