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फर्जी अभिलेखों में अतर्रा पीजी कालेज प्रवक्ता बर्खास्त
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अतर्रा (बांदा)। अतर्रा पीजी कालेज में वाणिज्य संकाय में पिछले तीन साल से कार्यरत प्रवक्ता डा. रणधीर सिंह की सेवाएं बुंदेलखंड विश्वविद्यालय कुल सचिव ने तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। उन पर कूटरचित अभिलेखों के जरिये पद हासिल करने का आरोप है। कुल सचिव ने इसके लिए महाविद्यालय प्रबंधक को कानूनी कार्रवाई के लिए कहा है।
अतर्रा पोस्ट ग्रेजुएट कालेज में डा. रणधीर प्रवक्ता पद पर कार्यरत थे। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय कुल सचिव द्वारा महाविद्यालय प्रबंधक को 5 नवंबर को जारी पत्र में कुलपति के आदेशों का हवाला देकर कहा है कि डा. रणधीर को 7 दिसंबर, 2016 के पत्र द्वारा प्रवक्ता पद पर अनुमोदन दिया गया था।
उन्होंने अपनी शैक्षिक योग्यता बीकाम में द्वितीय श्रेणी और एमकाम में 55 प्रतिशत तथा पीएचडी 2008 का अनुमोदन प्राप्त किया था। कुल सचिव ने अपने पत्र में परीक्षा समिति की हाल ही में हुई आपात बैठक में लिए गए निर्णय का हवाला देकर कहा है कि महाविद्यालय प्रबंध समिति सदस्य नरेंद्र कुमार जैन की शिकायत के आधार पर जांच में प्रथम दृष्टया रणधीर सिंह का कूटरचित परीक्षाफल (बीकाम तृतीय वर्ष 1994) निरस्त कर दिया गया है। प्रथम परीक्षाफल 360/900 को ही मान्य किया जाए।
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कुल सचिव का पत्र मिलने के बाद महाविद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष कर्ण सिंह ने डा. रणधीर सिंह को जारी पत्र में विश्वविद्यालय के आदेश का हवाला देकर असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर किए गए चयन का अनुमोदन निरस्त कर दिए जाने के साथ तत्काल प्रभाव से सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया है। प्रबंधक ने बताया कि विश्वविद्यालय के निर्देश के अनुसार वेतन रिकवरी के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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अतर्रा पोस्ट ग्रेजुएट कालेज में डा. रणधीर प्रवक्ता पद पर कार्यरत थे। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय कुल सचिव द्वारा महाविद्यालय प्रबंधक को 5 नवंबर को जारी पत्र में कुलपति के आदेशों का हवाला देकर कहा है कि डा. रणधीर को 7 दिसंबर, 2016 के पत्र द्वारा प्रवक्ता पद पर अनुमोदन दिया गया था।
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उन्होंने अपनी शैक्षिक योग्यता बीकाम में द्वितीय श्रेणी और एमकाम में 55 प्रतिशत तथा पीएचडी 2008 का अनुमोदन प्राप्त किया था। कुल सचिव ने अपने पत्र में परीक्षा समिति की हाल ही में हुई आपात बैठक में लिए गए निर्णय का हवाला देकर कहा है कि महाविद्यालय प्रबंध समिति सदस्य नरेंद्र कुमार जैन की शिकायत के आधार पर जांच में प्रथम दृष्टया रणधीर सिंह का कूटरचित परीक्षाफल (बीकाम तृतीय वर्ष 1994) निरस्त कर दिया गया है। प्रथम परीक्षाफल 360/900 को ही मान्य किया जाए।
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कुल सचिव का पत्र मिलने के बाद महाविद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष कर्ण सिंह ने डा. रणधीर सिंह को जारी पत्र में विश्वविद्यालय के आदेश का हवाला देकर असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर किए गए चयन का अनुमोदन निरस्त कर दिए जाने के साथ तत्काल प्रभाव से सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया है। प्रबंधक ने बताया कि विश्वविद्यालय के निर्देश के अनुसार वेतन रिकवरी के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।