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सत्यापन में अटका 1049 अध्यापकों का एरियर
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बांदा। बेसिक शिक्षा विभाग में भर्ती 1049 सहायक अध्यापकों को उनके शुरुआती कार्यकाल का वेतन डेढ़ साल बाद भी नहीं मिला है। विभाग में कमीशन और अड़ंगेबाजी के चलते ये फाइलें सत्यापन के नाम पर ठंडे बस्ते में हैं। सोमवार को कन्नौज में एरियर भुगतान के लिए अध्यापक से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते लिपिक को एंटी करप्शन टीम के रंगे हाथ दबोचे जाने के बाद यहां भी खलबली है।
बेसिक शिक्षा विभाग में दो बार में 1049 सहायक अध्यापक भर्ती हुए हैं। 16 अक्तूबर 2020 को 235 और सात दिसंबर 2020 को 814 सहायक अध्यापकों की भर्ती की गई थी। इन अध्यापकों को शुरू के तीन या चार महीने का वेतन नहीं मिला। उनके अभिलेख शिक्षा बोर्ड, पुलिस और तहसील को सत्यापन के लिए भेजे जाने की बात कही जा रही है। लगभग डेढ़ साल बाद भी सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। अध्यापकों का शुुरुआती वेतन अटका हुआ है। बेसिक शिक्षा परिषद इसमें कोरोना महामारी के दौरान कामकाज बाधित होने की भी दलील दे रहा है। बताया जा रहा है एक भी प्रमाण पत्र सत्यापित होकर नहीं आया। शिक्षकों को ये बात गले नहीं उतर रही है।
इन अभिलेखों का होता है सत्यापन
1. शैक्षिक अभिलेख (संबंधित बोर्ड/यूनिवर्सिटी)
2. निवास व जाति प्रमाण पत्र (संबंधित तहसील)
3. चरित्र प्रमाण पत्र (संबंधित थाना/कोतवाली)
नवनियुक्त सहायक अध्यापकों के शैक्षिक व अन्य अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है। जैसे ही सत्यापन का काम पूरा हो जाएगा, एरियर का भुगतान किया जाएगा। - रामपाल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बांदा
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नए शिक्षकाें का अवशेष लगभग डेढ़ वर्ष बाद बाद भी न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। विभागों की ढिलाई का खामियाजा एक हजार से ज्यादा सहायक अध्यापक भुगत रहे हैं। जल्द ही एरियर का भुगतान नहीं हुआ तो प्राथमिक शिक्षक संघ सहायक अध्यापकों के हित में आंदोलन करेगा।
आशुतोष त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, बांदा
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बेसिक शिक्षा विभाग में दो बार में 1049 सहायक अध्यापक भर्ती हुए हैं। 16 अक्तूबर 2020 को 235 और सात दिसंबर 2020 को 814 सहायक अध्यापकों की भर्ती की गई थी। इन अध्यापकों को शुरू के तीन या चार महीने का वेतन नहीं मिला। उनके अभिलेख शिक्षा बोर्ड, पुलिस और तहसील को सत्यापन के लिए भेजे जाने की बात कही जा रही है। लगभग डेढ़ साल बाद भी सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। अध्यापकों का शुुरुआती वेतन अटका हुआ है। बेसिक शिक्षा परिषद इसमें कोरोना महामारी के दौरान कामकाज बाधित होने की भी दलील दे रहा है। बताया जा रहा है एक भी प्रमाण पत्र सत्यापित होकर नहीं आया। शिक्षकों को ये बात गले नहीं उतर रही है।
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इन अभिलेखों का होता है सत्यापन
1. शैक्षिक अभिलेख (संबंधित बोर्ड/यूनिवर्सिटी)
2. निवास व जाति प्रमाण पत्र (संबंधित तहसील)
3. चरित्र प्रमाण पत्र (संबंधित थाना/कोतवाली)
नवनियुक्त सहायक अध्यापकों के शैक्षिक व अन्य अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है। जैसे ही सत्यापन का काम पूरा हो जाएगा, एरियर का भुगतान किया जाएगा। - रामपाल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बांदा
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नए शिक्षकाें का अवशेष लगभग डेढ़ वर्ष बाद बाद भी न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। विभागों की ढिलाई का खामियाजा एक हजार से ज्यादा सहायक अध्यापक भुगत रहे हैं। जल्द ही एरियर का भुगतान नहीं हुआ तो प्राथमिक शिक्षक संघ सहायक अध्यापकों के हित में आंदोलन करेगा।
आशुतोष त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, बांदा