अब हर साल होगा शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण
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बांदा। शस्त्र के नवीनीकरण और शुल्क मामलों में केंद्र सरकार ने भारी तब्दीलियां की हैं। अब शस्त्र धारकों को तीन साल के बजाए हर साल अपने शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण कराना होगा वहीं शुल्क में भी 5 से 10 गुना की बढ़ोत्तरी कर दी गई है। लाइसेंस शुल्क भी बढ़ा दिया गया है। भारत का सरकार का गजट और शासनादेश जारी होने के बाद पहली सितंबर से यह नई व्यवस्थाएं लागू हो गई हैं। शस्त्र धारकों को अब तक हर तीन साल बाद अपने शस्त्र लाइसेंस का रेन्युवल कराना होता था लेकिन अब प्रत्येक वर्ष पूरी प्रक्रिया के साथ नवीनीकरण होगा।
उधर, शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण शुल्क में भी भारी वृद्धि की गई है। राइफल के लिए अब तक तीन सालों में 90 रुपये शुल्क जमा होता था। अब साल 500 रुपये नवीनीकरण शुल्क देना होगा। लाइसेंस जारी होते समय एक हजार रुपये शुल्क देना होगा। पूर्व में यह मात्र 80 रुपये लगता था। एकनाली और दोनाली बंदूकों में 60 रुपये के बजाए अब 500 रुपये सालाना शुल्क लगेगा। रिवाल्वर व पिस्टल के रेन्युवल के 150 रुपये त्रिवार्षिक लगते थे। अब हर वर्ष 500 रुपये शुल्क देना होगा। आटोमैटिक गन का शुल्क 200 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया है। नवीनीकरण में लेटलतीफी होने पर विलंब शुल्क 10 गुना बढ़ा दिया गया है। यह 100 रुपये के स्थान पर अब एक हजार रुपये बढ़ेगा।