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Banda News: पूर्व सांसद बालकुमार की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज, भेजा जेल
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बांदा। धोखाधड़ी के मामले में पूर्व सांसद बालकुमार पटेल व बर्खास्त लेखपाल के विरुद्ध एमपी/एमएलए कोर्ट गरिमा सिंह की अदालत में शुक्रवार को सुनवाई हुई। पूर्व सांसद ने अदालत में सरेंडर किया। अग्रिम जमानत अर्जी दी। पहले निचली अदालत ने खारिज कर दिया। बाद में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई। अग्रिम जमानत ट्रांसफर होकर विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर गुणेंद्र प्रकाश की अदालत में आई। इस पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज करते हुए जेल भेज दिया। अगली सुनवाई 21 अगस्त नियत की गई है।
विशेष लोक अभियोजक अंबिका व्यास ने बताया कि शहर कोतवाली के स्वराज कॉलोनी निवासी रमाकांत द्विवेदी ने पूर्व सांसद बालकुमार पटेल और बर्खास्त लेखपाल भानु प्रताप चतुर्वेदी के खिलाफ 56 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला वर्ष 2019 में दर्ज कराया था। बताया कि मौरंग खनन कार्य में शामिल किए जाने के नाम पर रकम ली थी, जो कि लौटाई नहीं। इस मामले में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय की ओर से बालकुमार पटेल और भानुप्रताप को सम्मन भेजा गया, लेकिन दोनों आरोपी अदालत में हाजिर नहीं हुए। अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। साथ ही पुलिस के आलाधिकारियों को गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। पुलिस अब तक गिरफ्तार कर अदालत में पेश नहीं कर पाई।
उधर, बालकुमार पटेल ने अग्रिम जमानत के लिए पहले हाईकोर्ट में अर्जी दी। वहां से खारिज होने पर सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। एक अगस्त को सुप्रीम कोर्ट से भी अर्जी खारिज हो गई है। मामले की सुनवाई एमपी/एमएलए कोर्ट मे शुक्रवार को नियत थी। पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल अपने अधिवक्ता के जरिये सरेंडर प्रार्थना पत्र देकर न्यायालय में उपस्थित हुए। न्यायालय के आदेश से पुलिस कस्टडी में सात घंटे अदालत में रखकर जेल भेज दिया गया।
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विशेष लोक अभियोजक अंबिका व्यास ने बताया कि शहर कोतवाली के स्वराज कॉलोनी निवासी रमाकांत द्विवेदी ने पूर्व सांसद बालकुमार पटेल और बर्खास्त लेखपाल भानु प्रताप चतुर्वेदी के खिलाफ 56 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला वर्ष 2019 में दर्ज कराया था। बताया कि मौरंग खनन कार्य में शामिल किए जाने के नाम पर रकम ली थी, जो कि लौटाई नहीं। इस मामले में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय की ओर से बालकुमार पटेल और भानुप्रताप को सम्मन भेजा गया, लेकिन दोनों आरोपी अदालत में हाजिर नहीं हुए। अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। साथ ही पुलिस के आलाधिकारियों को गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। पुलिस अब तक गिरफ्तार कर अदालत में पेश नहीं कर पाई।
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उधर, बालकुमार पटेल ने अग्रिम जमानत के लिए पहले हाईकोर्ट में अर्जी दी। वहां से खारिज होने पर सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। एक अगस्त को सुप्रीम कोर्ट से भी अर्जी खारिज हो गई है। मामले की सुनवाई एमपी/एमएलए कोर्ट मे शुक्रवार को नियत थी। पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल अपने अधिवक्ता के जरिये सरेंडर प्रार्थना पत्र देकर न्यायालय में उपस्थित हुए। न्यायालय के आदेश से पुलिस कस्टडी में सात घंटे अदालत में रखकर जेल भेज दिया गया।
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