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अंधेरगर्दी...फसल बेची, मुफ्त राशन लिया

Fri, 24 Sep 2021 11:44 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Sep 2021 11:44 PM IST
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Andhergardi...sold the crop, took free ration
बांदा। सत्यापन में सरकारी दुकानों से मुफ्त का राशन लेने वाले अन्नदाता बुंदेलखंड से भी भारी संख्या में निकले हैं। अकेले चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों बांदा, महोबा, हमीरपुर और चित्रकूट में 1038 राशन कार्डधारकों ने सरकार को ही अनाज बेच दिया।
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आधार के सत्यापन के बाद पोल खुलने से अफसरों में हड़कंप मचा है। जांच हुई तो राशन बेचने वाले यह किसान निकले। मुफ्त राशन लेने वाले इन किसानों ने सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों में 20.76 करोड़ से ज्यादा का अनाज बेचा है।
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चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में दो लाख रुपये से अधिक का गेहूं बेचने वाले किसानों की तादाद लगभग पांच हजार के आसपास है। इनकी खरीद आधार कार्ड से हुई थी। मानक के मुताबिक, दो लाख रुपये से अधिक की फसल बेचने वाले किसान सरकारी राशन कार्ड के पात्र नहीं हैं।
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राशन कार्डों का सत्यापन हुआ तो यह बड़ी अंधेरगर्दी सामने आई। पांच हजार किसानों में 1038 ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने राशन की दुकानों से मुफ्त अनाज लिया, जबकि इन्होंने दो लाख रुपये से अधिक की अपनी फसल बेची है।
चारों जिलों के आपूर्ति विभाग ने फसल बेचने वाले किसानों और राशन कार्ड बनवाने में लगाए गए आधार कार्ड का सत्यापन कराया तो यह सब अंधेरगर्दी पकड़ में आ गई। राशन कार्डों पर दर्ज और फसल बेचने वाले किसानों के खरीद केंद्र में दर्ज आधार नंबरों का सत्यापन/मिलान हुआ तो चारों जिलों बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट में 1038 किसान उजागर हुए।
आपूर्ति विभाग ने इन किसानों के सभी राशन कार्ड तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। साथ ही अपात्र होते हुए मुफ्त अनाज लेने पर इनसे वसूली के लिए शासन को पत्र भेजा है। राशन वसूली के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। अपात्रों को राशन वितरण के मामले में पहले ही बांदा के जिला पूर्ति अधिकारी का तबादला किया जा चुका है, जबकि हमीरपुर और चित्रकूट के पूर्ति निरीक्षकों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है। जिन्होंने राशन कार्ड बनाने की संस्तुति की थी।
आपूर्ति विभाग पर गिरेगी गाज
धांधली की सुगबुगाहट पिछले माह से ही लगने लगी थी। अपात्रों को राशन कार्ड जारी करने वाले तत्कालीन जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार का शासन ने पिछले माह बांदा से तबादला कर दिया है।
इसके अलावा हमीरपुर, चित्रकूट आदि जनपदों में पूर्ति निरीक्षक आदि कार्रवाई के घेरे में हैं। इन्होंने अपनी रिपोर्ट में अपात्रों को पात्र बताते हुए राशन कार्ड जारी कराए।
प्रतिमाह औसत 260 क्विंटल लिया गेहूं
चित्रकूटधाम मंडल में जांच में पाए गए मुफ्त राशन लेने वाले अपात्र 1038 किसानों ने प्रति माह राशन की दुकानों से औसतन 260 क्विंटल गेहूं लिया है। यानी कि अब तक अपात्रों ने सरकार से हजारों क्विंटल मुफ्त का अनाज लेने के बाद सरकार को ही बेच दिया।
जिला पूर्ति विभाग का मानना है कि जो भी अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं, वह औसतन पांच यूनिट के थे। सरकार एक यूनिट में मुफ्त पांच किलो अनाज देती है। यानि कि एक किसान ने सरकार को प्रति माह 25 किलो अनाज का चूना लगाया।
चित्रकूटधाम मंडल में दो लाख से अधिक का गेहूं बेचने वाले किसान
जनपद किसान
बांदा 670
हमीरपुर 175
चित्रकूट 177
महोबा 16
योग 1038
एक बार फिर होगा नए सिरे से सत्यापन
बड़ी संख्या में अपात्रों के पकड़े जाने के बाद शासन ने एक बार फिर राशन कार्डों का नए सिरे से सत्यापन के आदेश दिए हैं। जिनके पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, एसी, हार्वेस्टर, पांच केवीए का जनरेटर, पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि तो उनके राशन कार्ड निरस्त होंगे।
इसके अलावा नए नियम लागू किए गए हैं। राशन कार्डधारक को 10 दस्तावेज देने होंगे। मुखिया की पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक खाते की पहली व आखिरी व गैस पासबुक की छाया प्रति, पूरे परिवार का आधार कार्ड की प्रति, जन्म प्रमाणपत्र या हाईस्कूल अंकपत्र, वोटर आईडी या पेन कार्ड, जाति प्रमाणपत्र, मनरेगा जाब कार्ड आदि देना होगा।
सरकारी क्रय केंद्रों में दो लाख से अधिक का गेहूं बेचने वाले किसानों को चिह्नित कर राशन कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई की गई है। राशन की वसूली के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। अपात्रों के राशन वितरण मामले में दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है।
- राधे रमण शुक्ला, मंडलीय खाद्य अधिकारी, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा
मुफ्त राशन लेकर बेचा पांच करोड़ का अनाज
हमीरपुर। मुफ्त का राशन लेने वाले जिले के 175 कार्डधारकों ने तीन-तीन लाख रुपये से अधिक का धान और गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा है। डीएम ज्ञानेश्वर तिवारी ने सभी एसडीएम के जरिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से मुफ्त राशन पाने वाले कार्ड धारकों की सूची भेज स्थलीय सत्यापन कराया।
अधिकारियों के सत्यापन में एक महिला कार्डधारक सही पाई गई है। 174 कार्ड धारकों के राशन कार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया विभाग ने शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के तहत जिले में दो लाख 40 हजार 977 परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।
शासन को शिकायतें मिल रही थीं कि संपन्न लोग भी मुफ्त राशन ले रहे हैं। जांच कराई तो पता चला कि मुफ्त राशन लेने वाले जिले के 174 लोगों ने तीन-तीन लाख रुपये का अनाज सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा है।
उधर, डीएसओ रामजतन यादव ने बताया कि जिले में 175 कार्डधारक ऐसे पाए गए थे, जिन्होंने तीन लाख से अधिक का गेहूं और धान सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा था। कहा कि शासन के निर्देश पर एसडीएम के स्तर से यह जांच कराई गई है। इसमें 174 कार्डधारक सत्यापन प्रक्रिया में गलत पाए गए हैं।
सरकारी क्रय केंद्रों में बेचा 45 लाख का अनाज
महोबा। जिले में मुफ्त राशन लेने वाले 15 कार्र्डधारकों ने सरकार को ही 45 लाख रुपयेे का अनाज बेच दिया। प्रत्येक राशन कार्डधारक ने तीन लाख से अधिक का अनाज सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा है।
जनपद में 1,86,084 अन्त्योदय और पात्र गृहस्थी के राशन कार्डधारक हैं। जिनको सात लाख 34 हजार 935 यूनिट राशन वितरण किया जा रहा है। प्रतिमाह प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत मुफ्त राशन दिया जा रहा, जिसमें 15 राशन कार्डधारक ऐसे हैं जिसमें प्रत्येक ने सरकारी क्रय केंद्रों में तीन लाख से अधिक का राशन बेंचा है।
जिला पूर्ति अधिकारी राजीव तिवारी ने मामले की जांच के लिए क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी व दो पूर्ति निरीक्षक की जांच कमेटी गठित की है। उधर, सरकारी क्रय केंद्रों पर आधार कार्ड नंबर दर्ज होने से गड़बड़ी पकड़ में आई है।
इस बाबत जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा ऐेसे राशन कार्ड धारक जिन्होंने तीन लाख से अधिक का राशन बेचा है। जिले में ऐसे 15 राशन कार्डधारकों की जांच की जा रही है। इसको लेकर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक मामले की जांच कर रहे हैं।
177 किसानों ने बेचा दो लाख क्विंटल गेहूं
चित्रकूट। जिले में मुफ्त राशन लेने वाले 177 किसान ऐसे है, जो गेहूं व धान क्रय केंद्रों में जाकर दो लाख क्विंटल गेहूं बेचा है। इनके पास कृषि योग्य भूमि है, फिर भी हर साल गेहूं व धान बचने का कार्य करते हैं, जबकि नियमानुसार जिस परिवार की आय शहरी क्षेत्र में तीन लाख व ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख रुपये से ज्यादा है तो उसका राशन कार्ड नहीं बन सकता है।

ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित आय से एक लाख से ज्यादा का अनाज बेचने वाले मुफ्त मेें अनाज के लिए अपात्र है। जिला विपणन अधिकारी संजय श्रीवास्तव ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जा रही है। नियमानुसार हर जगह से जानकारी मांगी गई है।
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