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अक्षय तृतीया: सराफा ‘लॉक’, खरीद-फरोख्त ‘डाउन’
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बांदा। अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी खरीदने के शुभ शगुन पर लॉकडाउन आडे़ आ गया। सराफ की दुकानों और शोरूम में पिछले एक माह से जड़े ताले तृतीया पर नहीं खुले। कुछ लोगों ने ऑनलाइन सोना-चांदी की खरीदकर शगुन पूरा किया।
कहा जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन ही द्रोपदी को अक्षय पात्र मिला था। इसी दिन विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। इसका जिक्र धार्मिक शास्त्रों और पुराणों में भी है। लॉकडाउन की बंदी के चलते सर्राफा बाजार बंद रहा, वरना आज के दिन यहां खरीददारों की भीड़ नजर आती थी।
उधर, शुभ महुर्त पर लोगों ने घरों में भगवान विष्णु एवं शिव जी की पूजा की। एक दूसरे को अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं और बधाई संदेश भेजे। कहते हैं कि यह स्वयंसिद्धी महुर्त है। इसमें किसी भी तरह के शुभ कार्य के लिए मुहूर्त नहीं निकाला जाता। इस दिन सोने की खरीददारी और दान शुभ है। लक्ष्मी की कृपा बरसती है।
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ऑनलाइन का विरोध, नाममात्र का व्यवसाय
बांदा। अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी कारोबार ठप रहने का सराफाव्यवसायियों को अफसोस है। जिला सराफा एसोसिएशन महामंत्री सत्यप्रकाश ने बताया कि पिछले साल अक्षय तृतीया पर जिले में ढाई से तीन करोड़ रुपये का सोना-चांदी का व्यवसाय हुआ था।
कहा कि इस वर्ष ऑनलाइन खरीद के किए जा रहे दावे खोखले हैं। नाममात्र को लोगों ने ऑनलाइन खरीददारी की है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवसाय का विरोध उनका एसोसिएशन शुरू से कर रहा है। उधर, सोने-चांदी के भाव पिछले वर्ष से ज्यादा है। बीते साल अक्षय तृतीया पर सोने का भाव 30 हजार रुपये तोला और चांदी 40 हजार रुपये प्रति किलो थी। इस वर्ष सोना 45 हजार रुपये और चांदी 47 हजार रुपये है।
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कहा जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन ही द्रोपदी को अक्षय पात्र मिला था। इसी दिन विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। इसका जिक्र धार्मिक शास्त्रों और पुराणों में भी है। लॉकडाउन की बंदी के चलते सर्राफा बाजार बंद रहा, वरना आज के दिन यहां खरीददारों की भीड़ नजर आती थी।
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उधर, शुभ महुर्त पर लोगों ने घरों में भगवान विष्णु एवं शिव जी की पूजा की। एक दूसरे को अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं और बधाई संदेश भेजे। कहते हैं कि यह स्वयंसिद्धी महुर्त है। इसमें किसी भी तरह के शुभ कार्य के लिए मुहूर्त नहीं निकाला जाता। इस दिन सोने की खरीददारी और दान शुभ है। लक्ष्मी की कृपा बरसती है।
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ऑनलाइन का विरोध, नाममात्र का व्यवसाय
बांदा। अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी कारोबार ठप रहने का सराफाव्यवसायियों को अफसोस है। जिला सराफा एसोसिएशन महामंत्री सत्यप्रकाश ने बताया कि पिछले साल अक्षय तृतीया पर जिले में ढाई से तीन करोड़ रुपये का सोना-चांदी का व्यवसाय हुआ था।
कहा कि इस वर्ष ऑनलाइन खरीद के किए जा रहे दावे खोखले हैं। नाममात्र को लोगों ने ऑनलाइन खरीददारी की है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवसाय का विरोध उनका एसोसिएशन शुरू से कर रहा है। उधर, सोने-चांदी के भाव पिछले वर्ष से ज्यादा है। बीते साल अक्षय तृतीया पर सोने का भाव 30 हजार रुपये तोला और चांदी 40 हजार रुपये प्रति किलो थी। इस वर्ष सोना 45 हजार रुपये और चांदी 47 हजार रुपये है।