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40 डिग्री सेल्सियस के साथ विदा हुआ मार्च
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बांदा। 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच मार्च विदा हो गया। 9 साल बाद मार्च में तेज धूप और गर्मी के तल्ख तेवर नजर आए। न्यूनतम तापमान में भी इजाफा होने लगा है। मौसम जानकारों के मुताबिक, अप्रैल माह में गर्मी के यह तेवर होते हैं लेकिन पश्चिम-पूरब चल रही गर्म हवाओं ने तापमान बढ़ा दिया। तापमान और बढ़ने के आसार हैं।
आमतौर पर अप्रैल माह के आखिरी में गर्मी के तेवर तीखे होते हैं लेकिन अबकी मार्च से ही गर्मी का आगाज हो गया। अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार जा पहुंचा। न्यूनतम तापमान भी 21 डिग्री सेल्सियस के इर्दगिर्द मंडरा रहा है। बुधवार को सुबह से ही करीब साढ़े सात किलोमीटर की रफ्तार से चल रहीं गर्म हवाओं के थपेड़े लू का अहसास कराते रहे। तेज धूप लोगों को सहन नहीं हो रही थी। सड़कों पर निकले लोग धूप से परेशान दिखे। मौसम जानकारों का कहना है कि पश्चिमी गर्म हवाओं ने मौसम का मिजाज बदला है। इन दिनों तापमान 35 से 37 डिग्री के आसपास होना चाहिए। वर्ष 2012 में मार्च में तापमान 40 डिग्री पार पहुंचा था। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा.दिनेश शाहा के मुताबिक अधिकतम सामान्य से 6 व न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है।
तेज धूप से फसलों पर बुरा असर
जिला कृषि अधिकारी डा.प्रमोद कुमार का कहना है कि तेज धूप और पछुवा गर्म हवाओं का प्रभाव फसलों पर पड़ रहा है। इन दिनों गेहूं की फलियों में दाना भर रहा है। लेकिन तेज धूप व गर्म हवा से गेहूं का दाना हल्का (कमजोर) हो जाएगा। इसका असर पैदावार पर पड़ेगा। दाना सूखने से वजन कम हो जाएगा। इसी तरह अन्य दलहन व तिलहन की फसल भी समय के पहले पक गई है। उत्पादन में भारी गिरावट आ रही है।
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आमतौर पर अप्रैल माह के आखिरी में गर्मी के तेवर तीखे होते हैं लेकिन अबकी मार्च से ही गर्मी का आगाज हो गया। अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार जा पहुंचा। न्यूनतम तापमान भी 21 डिग्री सेल्सियस के इर्दगिर्द मंडरा रहा है। बुधवार को सुबह से ही करीब साढ़े सात किलोमीटर की रफ्तार से चल रहीं गर्म हवाओं के थपेड़े लू का अहसास कराते रहे। तेज धूप लोगों को सहन नहीं हो रही थी। सड़कों पर निकले लोग धूप से परेशान दिखे। मौसम जानकारों का कहना है कि पश्चिमी गर्म हवाओं ने मौसम का मिजाज बदला है। इन दिनों तापमान 35 से 37 डिग्री के आसपास होना चाहिए। वर्ष 2012 में मार्च में तापमान 40 डिग्री पार पहुंचा था। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा.दिनेश शाहा के मुताबिक अधिकतम सामान्य से 6 व न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है।
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तेज धूप से फसलों पर बुरा असर
जिला कृषि अधिकारी डा.प्रमोद कुमार का कहना है कि तेज धूप और पछुवा गर्म हवाओं का प्रभाव फसलों पर पड़ रहा है। इन दिनों गेहूं की फलियों में दाना भर रहा है। लेकिन तेज धूप व गर्म हवा से गेहूं का दाना हल्का (कमजोर) हो जाएगा। इसका असर पैदावार पर पड़ेगा। दाना सूखने से वजन कम हो जाएगा। इसी तरह अन्य दलहन व तिलहन की फसल भी समय के पहले पक गई है। उत्पादन में भारी गिरावट आ रही है।
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