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बांदा: किसानों के लिए डेथ वारंट है कृषि कानून
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बांदा। अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों की वकालत की। साथ ही आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें शहीद बताया। उनके लिए एक दिन का मौन व्रत रखा। कहा कि नए कृषि कानून किसानों के लिए डेथ वारंट हैं।
रविवार को महासभा ने अपने कार्यालय में आयोजित गोष्ठी में मौन व्रत रखकर शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी। सरदार पटेल की प्रतिमा तले आयोजित गोष्ठी में प्रदेश सचिव राममिलन सिंह पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने जल्दबाजी और उद्योगपतियों के दबाव में जो कृषि कानून लागू किए हैं। यह एक तरह से भारत के किसानों के लिए डेथ वारंट हैं।
कानून लागू हुए तो भारतीय किसान उद्योगपतियों के कठपुतली बनकर रह जाएंगे। अनाज महंगा होगा। गोष्ठी में जिलाध्यक्ष दिनेश पटेल सहित विनय कुमार सिंह, शैलेश कुमार सिंह, अरविंद पटेल, प्रधान श्रवण कुमार, कमलेश सिंह, संदीप सिंह, कुलदीप पटेल, डॉ. श्याम सुंदर, रवि आहूजा, कौसर भी शामिल रहे।
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रविवार को महासभा ने अपने कार्यालय में आयोजित गोष्ठी में मौन व्रत रखकर शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी। सरदार पटेल की प्रतिमा तले आयोजित गोष्ठी में प्रदेश सचिव राममिलन सिंह पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने जल्दबाजी और उद्योगपतियों के दबाव में जो कृषि कानून लागू किए हैं। यह एक तरह से भारत के किसानों के लिए डेथ वारंट हैं।
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कानून लागू हुए तो भारतीय किसान उद्योगपतियों के कठपुतली बनकर रह जाएंगे। अनाज महंगा होगा। गोष्ठी में जिलाध्यक्ष दिनेश पटेल सहित विनय कुमार सिंह, शैलेश कुमार सिंह, अरविंद पटेल, प्रधान श्रवण कुमार, कमलेश सिंह, संदीप सिंह, कुलदीप पटेल, डॉ. श्याम सुंदर, रवि आहूजा, कौसर भी शामिल रहे।
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