फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   agriculter,civic,banda news

भंडारण में लापरवाही तो अनाज में लग जाएगा घुन

Thu, 20 May 2021 11:28 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 20 May 2021 11:28 PM IST
विज्ञापन
agriculter,civic,banda news
बांदा। घरों में अनाज भंडारण में लापरवाही बरती तो किसानों की मेहनत पर घुन लगने का खतरा मंडरा सकता है। घुन लगा अनाज न खाने योग्य रहता है और न ही इसकी बाजार में बिक्री होती है। ऐसे में किसानों को नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन

कृषि विभाग ने किसानों को कच्ची बखारियों में अनाज भंडारित करने के तौर-तरीके बताए हैं। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डा. प्रमोद कुमार ने बताया कि रबी फसलों की कटाई और मड़ाई अंतिम चरण में है। गेहूं, जौ, चना, मटर आदि उपज को सुरक्षित रखना जरूरी है। थोड़ी सी चूक में अनाज में घुन लग सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि कच्ची बखारियों में अनाज भंडारित करने से पहले गोबर की लिपाई कर दें। बिल, छेदों व दरारों को गीली मिट्टी से भर दें। सूखने के बाद भूसे की पतली परत बिछा दें। मोटी पॉलिथीन लगाकर अनाज का भंडार करें। ऊपर से प्लास्टिक पॉलिथीन से ढक दें, जिससे अनाज में नमी न पहुंच सके। भंडारित अनाज में 8-10 प्रतिशत से ज्यादा नमी नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन

कहा कि जूट के बोरों में अनाज भंडार करें तो बोरों को मैलाथियान व रसायन के घोल में 20 मिनट तक भिगोएं, फिर इन्हें 3-4 दिनों तक तेज धूप में सुखाएं, जिससे घुन वाले कीटों के अंडे व बच्चे नष्ट हो जाएं। कृषि रक्षा अधिकारी ने चेताया कि एल्युमीनियम फास्फाइड का प्रयोग एयर टाइट बखारियों में करें। ध्यान देना होगा उस कमरे में एक सप्ताह तक कोई भी न जाए। गैसों के रिसाव से व्यक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कम मात्रा में अनाज का भंडारण करना है तो नीम की पत्ती, लहसुन की कलियां या पारस तिकणी नामक जैविक टिकिया का इस्तेमाल करें। और जानकारी के लिए किसान राजकीय कृषि रक्षा इकाई व उनके कार्यालय में संपर्क भी कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed