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सिंचाई के बाद मवेशियों की प्यास बुझाएगा तालाब
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 16 Jan 2016 11:21 PM IST
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जिगनौड़ा में युवा किसान आशुतोष ने अपने खेत में खुदवाए तालाब में भरे पानी
से सिंचाई के बाद भारी मात्रा में बचे पानी को मवेशियों के लिए छोड़ दिया
है।
आशुतोष ने वर्ष 2013 में अपने खेत मेें एक हिस्से पर 150 मीटर लंबा, 65 मीटर चौड़ा और 8 मीटर गहरा तालाब खुदवाया। पहली बारिश में ही लबालब हो गए तालाब में 75 हजार घन मीटर पानी का भंडार किया।
अपनी बंजर और परती जमीन में तीन हजार इमारती लकड़ी और फलों के पेड़ों सिंचाई की। इसके बाद भी तालाब में लगभग 45 हजार घन मीटर पानी शेष है। आशुतोष का कहना है कि बचे पानी को वह पशुओं को परोसेगा।
आशुतोष ने वर्ष 2013 में अपने खेत मेें एक हिस्से पर 150 मीटर लंबा, 65 मीटर चौड़ा और 8 मीटर गहरा तालाब खुदवाया। पहली बारिश में ही लबालब हो गए तालाब में 75 हजार घन मीटर पानी का भंडार किया।
अपनी बंजर और परती जमीन में तीन हजार इमारती लकड़ी और फलों के पेड़ों सिंचाई की। इसके बाद भी तालाब में लगभग 45 हजार घन मीटर पानी शेष है। आशुतोष का कहना है कि बचे पानी को वह पशुओं को परोसेगा।