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कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
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सदर तहसील गेट पर प्रदर्शन करते जन अधिकार मंच कार्यकर्ता।
- फोटो : BANDA
बांदा। पिछड़ा वर्ग का आरक्षण खत्म कर दिए जाने और डीजल-पेट्रोल के दामों में बढ़ोत्तरी के खिलाफ जन अधिकार मंच/भागीदारी संकल्प मोर्चा ने सोमवार को प्रदर्शन किया। साथ ही एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति और राज्यपाल को 10 सूत्री मांग पत्र भेजा है। इसमें कहा कि भाजपा सरकारें कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है, यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।
पार्टी के बुंदेलखंड प्रभारी लोधी महेंद्र पाल वर्मा और मंडल अध्यक्ष गिरधारी लाल कुशवाहा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा है कि प्रदेश में पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों के साथ हत्या, लूट, बलात्कार, आगजनी की घटनाएं हो रही हैं। लगता है कि प्रशासन पर प्रदेश सरकार का नियंत्रण खत्म हो गया है।
डीजल-पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं। आरक्षण व्यवस्था तार-तार की जा रही है। मेडिकल प्रवेश में आरक्षण खत्म कर दिया गया है। पिछड़े वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति खत्म कर दी गई है। सरकार कुछ भी सुनने, समझने और मानने को तैयार नहीं है।
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ज्ञापन में ईंधन में बढ़े दामों की वापसी, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर रोक, मजदूरों को 15000 एकमुश्त और फिर 7500 रुपये प्रति माह साल भर तक देने, पिछड़ों का आरक्षण बहाल करने उन्हें छात्रवृत्ति देने, पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था एक समान करने, किसानों को खाद-बीज एवं पानी की व्यवस्था, अन्ना प्रथा से निजात आदि की मांगे शामिल हैं।
ज्ञापन देने वालों में अरुण कुशवाहा, शिवम, सुशील, जितेंद्र कुमार, अनिल, आदर्श राजपूत, लोधी सत्येंद्र प्रताप सिंह, शिवेंद्र प्रताप व संदीप राजपूत भी शामिल रहे।
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पार्टी के बुंदेलखंड प्रभारी लोधी महेंद्र पाल वर्मा और मंडल अध्यक्ष गिरधारी लाल कुशवाहा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा है कि प्रदेश में पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों के साथ हत्या, लूट, बलात्कार, आगजनी की घटनाएं हो रही हैं। लगता है कि प्रशासन पर प्रदेश सरकार का नियंत्रण खत्म हो गया है।
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डीजल-पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं। आरक्षण व्यवस्था तार-तार की जा रही है। मेडिकल प्रवेश में आरक्षण खत्म कर दिया गया है। पिछड़े वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति खत्म कर दी गई है। सरकार कुछ भी सुनने, समझने और मानने को तैयार नहीं है।
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ज्ञापन में ईंधन में बढ़े दामों की वापसी, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर रोक, मजदूरों को 15000 एकमुश्त और फिर 7500 रुपये प्रति माह साल भर तक देने, पिछड़ों का आरक्षण बहाल करने उन्हें छात्रवृत्ति देने, पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था एक समान करने, किसानों को खाद-बीज एवं पानी की व्यवस्था, अन्ना प्रथा से निजात आदि की मांगे शामिल हैं।
ज्ञापन देने वालों में अरुण कुशवाहा, शिवम, सुशील, जितेंद्र कुमार, अनिल, आदर्श राजपूत, लोधी सत्येंद्र प्रताप सिंह, शिवेंद्र प्रताप व संदीप राजपूत भी शामिल रहे।