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लेखपालों की हड़ताल से 414 गांवों के राजस्व कार्य ठप

Fri, 27 Dec 2019 07:03 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Dec 2019 07:03 PM IST
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Accountants strike, revenue work stalled
लेखपालों की हड़ताल ने लगभग एक दर्जन सरकारी योजनाओं पर ब्रेक लगा दिया है। विभिन्न योजनाओं के आवेदक निवास, आय, जाति प्रमाणपत्र और किसान व अन्य वरासत आदि के लिए भटक रहे हैं।
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सुकन्या योजना, पारिवारिक आर्थिक लाभ, वृद्धा व दिव्यांग पेंशन, पीएम सम्मान निधि, पीएम व सीएम आवास आदि की योजनाएं भी बुरी तरह प्रभावित हैं। राजस्व विभाग ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। जनपद की पांच तहसीलों के 414 गांवों में कार्यरत 261 लेखपाल पिछले 18 दिनों से हड़ताल पर हैं।
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बजरंग पुरवा के किसान शिवप्रसाद का कहना है कि खेत की सिंचाई के लिए छूट में मिलने वाले पाइप लेना है। इसके लिए 61 (ख) का भूमि प्रमाणपत्र जरूरी है। यह प्रमाणपत्र देने के लिए 15 दिन से सदर तहसील में चक्कर लगा रहा है। हड़ताल के कारण प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा।
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गंछा गांव के किसान लाला भाई का कहना है कि बच्ची का सुमंगला योजना में पंजीयन कराने के लिए आय, जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता है। हड़ताल के कारण ऑनलाइन प्रमाण पत्रों में लेखपाल की रिपोर्ट नहीं लग पा रही है।
महोखर गांव के किसान सचिन सिंह ने बताया कि नवंबर माह में पचनेही गांव में जमीन खरीदी थी। लेखपालों की हड़ताल से दाखिल खारिज का काम अटका हुआ है। लेखपाल रिपोर्ट नहीं लगा रहा है।

लेखपालों की हड़ताल को देखते हुए आय, जाति, निवास प्रमाण पत्रों सहित सरकारी योजनाओं के मामलों के निस्तारण की जिम्मेदारी राजस्व निरीक्षकों को सौंपी गई है।
सभी को लेखपालों का आईडी व पासवर्ड उन्हें उपलब्ध करा दिया गया है। राजस्व निरीक्षकों के साथ जांच आदि कार्यो के लिए सहयोग में अमीनों को लगाया गया है।
संतोष बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी (राजस्व), बांदा।
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