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Banda News: 64.5 करोड़ की हो गई 90 नब्बे लाख की परियोजना

Sat, 08 Feb 2025 11:43 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 08 Feb 2025 11:43 PM IST
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A project worth Rs 90 lakh became Rs 64.5 crore
बांदा। करीब 45 साल पहले शहर में शुरू हुआ सीवर लाइन का काम अभी भी पूरा नहीं हो पाया। करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी शहर के किसी भी भाग में सीवर नहीं चालू नहीं हो पाई। आलम यह है कि 90 लाख परियोजना की लागत बढ़कर 64.5 करोड़ हो गई है। इसे पूरा करने के लिए 62 करोड़ चाहिए। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट न बन पाने से शहर में बिछाई गई लाइन शुरू होने से पहले ध्वस्त हो रही है।
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वर्ष 1979 में शहर में सीवर लाइन बिछाने की योजना बनाई गई थी। उस समय इसकी लागत मात्र 90 लाख रुपये थी। अब इसकी लागत बढ़कर 64.5 करोड़ रुपये पहुंच गई है। जल निगम 16वीं शाखा को इसका काम सौंपा गया है। योजना से कनवारा रोड किनारे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाना गया था। योजना के तहत कई साल पूर्व कैलाशपुरी, कटरा, बाकरगंज, बलखंडीनाका, पद्माकर चौराहा, छावनी, क्योटरा, कंचनपुरवा, छाबी तालाब, नोनिया मोहाल, जेल रोड आदि में सीवर पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। अब पंपिंग स्टेशन और पाइप लाइन ध्वस्त होती जा रही हैं।
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शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर कनवारा रोड में बना ऑक्सीडेशन पाउंड और ट्रीटमेंट प्लांट भी जर्जर होने लगा है। इसमें ढाई करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किया जा चुका है। इसके बावजूद यह प्लांट आज तक चालू नहीं हो सका है। जल निगम कई बार संशोधित एस्टीमेट भेजकर लागत बढ़ाता रहा और पैसा लेता रहा। चार वर्ष पहले इसे अमृत योजना में शामिल किया गया था। अब जल निगम ने सीवेज योजना को पूरा करने के लिए 62 करोड़ रुपये की मांग शासन को भेजी है। सीवर लाइन चालू न होने से शहर का गंदा पानी बिना साफ किए ही नालों के जरिए केन नदी में बहाया जा रहा है।
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ऑक्सीडेशन पाउंड और ट्रीटमेंट प्लांट भी जर्जर
योजना के तहत कई साल पूर्व कैलाशपुरी, कटरा, बाकरगंज, बलखंडीनाका, पद्माकर चौराहा, छावनी, क्योटरा, कंचनपुरवा, छाबी तालाब, नोनिया मोहाल, जेल रोड आदि में सीवर पाइप लाइन बिछाई गई थी। पंपिंग स्टेशन और पाइप लाइन ध्वस्त हो चुकी है। शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर कनवारा रोड में बना ऑक्सीडेशन पाउंड और ट्रीटमेंट प्लांट भी जर्जर हो गया है।






नौ एमएलडी क्षमता का ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित
बांदा। जल निगम अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2018-19 में अमृत योजना के तहत सीवर योजना का संशोधित एस्टीमेट 62 करोड़ का भारत सरकार को भेजा गया था। नए प्रस्ताव में सीवरेज प्लांट एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) द्वारा निर्धारित पैरामीटर पर बनाया जाना है। यह सीवर के लिए नौ एमएलडी क्षमता का होगा। इसकी लागत लगभग 22.5 करोड़ होगी। शेष राशि सीवर लाइन, हाउस कनेक्शन आदि पर खर्च किए जाने हैं। इसमें बांदा को तीन जोन में बांटा गया है। जल निगम, लखनऊ की पांच सदस्यीय टीम ने सर्वे कर अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। तब से करीब चार वर्ष बीत गए, बजट स्वीकृति होने का इंतजार है। शासन से अभी तक धेला नहीं मिला।


वर्जन-
-शहर में सीवर लाइन का कार्य लगभग पूरा है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए शासन से बजट मांगा गया है। बजट आते ही इस पर काम कराया जाएगा। -एके शर्मा जल निगम एक्सईएन।
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