रास्ते में रोक खत्म कराया आंदोलन

Banda Updated Wed, 19 Sep 2012 12:00 PM IST
बांदा। कांशीराम कालोनी (हरदौली) में बिजली, पानी, सफाई और अंत्योदय व पेंशन की मांग लेकर धरना-प्रदर्शन किया पर नतीजा सिफर रहा। मजबूर होकर आमरण अनशन करने के लिए निकल पड़े विकलांगों और कालोनीवासियों को प्रशासनिक अफसरों ने फोर्स के साथ रास्ते में ही रोक लिया। बातचीत की तो सभी मान गए और आंदोलन खत्म हो गया और उनका आमरण अनशन शुरू नहीं हो पाया। हालांकि आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि 15 दिन में उनकी समस्याएं दूर न हुईं तो वे फिर आंदोलन को बाध्य होंगे।
कांशीराम कालोनी में नियमित सफाई नहीं होती। गंदगी पटी पड़ी है। रोडलाइट नहीं है। हैंडपंप खराब होने से पीने के पानी का भी संकट है। अधिकांश कालोनी वालों के अंत्योदय राशन कार्ड नहीं बने। विकलांग, वृद्ध और विधवाओं को पेंशन नहीं मिल रही। इन्हीं मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय विकलांग पार्टी ने कालोनी परिसर में ही कई दिनों से धरना शुरू किया था। आंदोलन के दौरान पालिका अध्यक्ष का पुतला फूंका और अपने सिर मुड़ाए। मंगलवार से विकलांग पार्टी और कालोनीवासी उप जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में आमरण अनशन शुरू करने वाले थे। सुबह कालोनी से यह जत्था कचहरी की ओर रवाना हुआ। अगुवाई विकलांग पार्टी के पंकज त्रिपाठी और श्यामबाबू त्रिपाठी कर रहे थे।
यह जत्था ज्यों ही जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय के पास पहुंचा, वहां उप जिलाधिकारी सदर गिरीशचंद्र शर्मा और क्षेत्राधिकारी नगर आशुतोष शुक्ला ने फोर्स के साथ सभी को रोक लिया। आंदोलनकारियों से बातचीत की। अफसर उन्हें आंदोलन खत्म कर देने के लिए राजी करने में कामयाब रहे। एसडीएम ने विकलांग पार्टी के छह सूत्री मांगपत्र पर लिखित आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों के माध्यम से कालोनी की समस्याओं को यथासंभव शीघ्र दूर किया जाएगा। आंदोलनकारी मान गए और आंदोलन खत्म करने की घोषणा की। विकलांग पार्टी पूर्व अध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने कहा है कि 15 दिन में समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो पुन: आंदोलन होगा। पूर्व मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र शुक्ल आदि भी मौजूद रहे।

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