{"_id":"81039","slug":"Banda-81039-41","type":"story","status":"publish","title_hn":"साधक कला उत्सव में प्रस्तुतियों की गूंज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साधक कला उत्सव में प्रस्तुतियों की गूंज
Banda
Updated Mon, 11 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। संस्कार भारती के तत्वाधान में आयोजित कला साधक उत्सव में प्रतिभागियों ने गायन, वादन और नृत्य की अनोखी प्रस्तुति की। तबले की धुन पर शास्त्रीय संगीत की गूंज रही। नटराज म्यूजिकल स्कूल में शनिवार की शाम अखिल भारतीय लोक कला प्रमुख गिरीशचंद्र ने दीप जलाकर उत्सव का उद्घाटन किया। क्षेत्रीय अध्यक्ष (झांसी) डा.धन्नूलाल गौतम, रमाशंकर श्रीवास्तव व अतुल कपूर (फर्रुखाबाद) समेत मशहूर संगीतज्ञ मौजूद रहे। सात मात्रा रूपक ताल में सरस्वती वंदना के दौरान तबले पर बीएल वर्मा और हारमोनियम में उस्ताद जहीर खां ने समां बांधी। आकांक्षा, सुधा, काजल, ज्योति और नेहा ने शास्त्रीय संगीत के साथ वंदना प्रस्तुत की। अर्पित पालीवाल के गीत पर श्रोता मंत्रमुग्ध हुए। छात्रा अमृता ने सारंगी, दिलरुबा ने सितार व गिटार समेत वाद्य यंत्रों पर राग बिखेरे। ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट के संगीत विशेषज्ञ देवीदयाल ख्यालिया ने शास्त्रीय संगीत ख्याल गायन किया। उनके साथ तबले पर रामस्वरूप राही ने संगत की। छात्रा समृद्धि, सुधी, स्वर्णिम, आवृति, अनन्या, श्रेया, आरुषि, आस्था, मानसी आदि ने गीत गाया। सनोवर निगम ने एकल कत्थक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुत की। शिवांशी, आरोही, अनुष्का, गौरांशी, मेघना, सृष्टि, ईशिका आदि ने सामूहिक कत्थक नृत्य व क्रिया गीत प्रस्तुत किया। शिक्षिका नीलम तिवारी, धनजंय सिंह ने आभार जताया। ब्यूरो
विज्ञापन