{"_id":"41-209283","slug":"Banda-209283-41","type":"story","status":"publish","title_hn":"नरैनी में व्यवस्था फुल पर नलों में पानी रहता है गुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नरैनी में व्यवस्था फुल पर नलों में पानी रहता है गुल
Banda
Updated Sat, 13 Dec 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नरैनी। सात नलकूप, दो ओपेन वेल और एक ओवरहेड टैंक यानी सारी व्यवस्था फुल के बावजूद यहां नलों में पानी गुल रहता है। सप्लाई थोड़ी ही मिल रही है। लोगों का आरोप है कि जेई समेत दो दर्जन कर्मचारियों की फौज यहां मौज काट रही है।
नगर के 12 वार्डों में ठंडी में भी पेयजल आपूर्ति सुचारू ढंग से नहीं हो पा रही है। कई मोहल्लों में अभी तक पाइप लाइन तक नहीं बिछाई गईं। जल संस्थान कस्बे में सात नलकूपों व दो ओपेन वेल के जरिए पेयजल आपूर्ति कर रहा है। जल संस्थान परिसर में भी एक ओवर हेड टैंक बना है। सभी में कर्मचारी तैनात हैं। फिर भी सिर्फ 10-20 मिनट ही आपूर्ति मिल रही है। गांधी नगर की दलित बस्ती, प्रजापति मोहल्ला, राजनगर के भजना का पुरवा में पाइप लाइन ही नहीं डाली गईं। डिग्री कॉलेज के बगल में और गैस एजेंसी के सामने जल निगम ने तीन साल पहले नलकूप बनाकर संस्थान को हैंडओवर किया था। कर्मचारी भी तैनात हो गए हैं, पर इसे अभी तक चालू नहीं किया गया। अवर अभियंता एएन शर्मा का कहना है कि नलकूपों की लाइनें क्षतिग्रस्त हैं। इससे संचालन ठप है। ओममणि वर्मा, अशोक कुमार कुशवाहा, खालिद न्याजी, संतोष रैकवार, ओमप्रकाश पांडेय आदि ने जिलाधिकारी व एक्सईएन से पेयजल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
विज्ञापन
नगर के 12 वार्डों में ठंडी में भी पेयजल आपूर्ति सुचारू ढंग से नहीं हो पा रही है। कई मोहल्लों में अभी तक पाइप लाइन तक नहीं बिछाई गईं। जल संस्थान कस्बे में सात नलकूपों व दो ओपेन वेल के जरिए पेयजल आपूर्ति कर रहा है। जल संस्थान परिसर में भी एक ओवर हेड टैंक बना है। सभी में कर्मचारी तैनात हैं। फिर भी सिर्फ 10-20 मिनट ही आपूर्ति मिल रही है। गांधी नगर की दलित बस्ती, प्रजापति मोहल्ला, राजनगर के भजना का पुरवा में पाइप लाइन ही नहीं डाली गईं। डिग्री कॉलेज के बगल में और गैस एजेंसी के सामने जल निगम ने तीन साल पहले नलकूप बनाकर संस्थान को हैंडओवर किया था। कर्मचारी भी तैनात हो गए हैं, पर इसे अभी तक चालू नहीं किया गया। अवर अभियंता एएन शर्मा का कहना है कि नलकूपों की लाइनें क्षतिग्रस्त हैं। इससे संचालन ठप है। ओममणि वर्मा, अशोक कुमार कुशवाहा, खालिद न्याजी, संतोष रैकवार, ओमप्रकाश पांडेय आदि ने जिलाधिकारी व एक्सईएन से पेयजल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
विज्ञापन