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नहीं हुआ ग्राम पंचायत प्रस्तावों की आपत्तियों का निस्तारण
Banda
Updated Wed, 26 Nov 2014 05:30 AM IST
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बांदा। ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन प्रस्तावों का समय से निस्तारण नहीं हो सका। निर्धारित तिथि पर ब्लाकों से रिपोर्टें नहीं आ सकीं। उधर, तमाम ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर विरोध जारी है।
पंचायतीराज निदेशालय से जारी नए आदेश के मुताबिक पुनर्गठन प्रस्ताव का अंतिम प्रकाशन 12 नवंबर और आपत्तियों के लिए 22 नवंबर अंतिम तिथि निर्धारित थी। डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति से आपत्तियों के निस्तारण के बाद 25 नवंबर तक अंतिम संस्तुति निदेशालय को भेजी जानी थी, लेकिन अभी तक आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो सका। डीपीआरओ रणधीर सिंह इसके लिए ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हैं। उनका कहना है कि आपत्तियों पर एडीओ पंचायत व खंड विकास अधिकारियों से आख्या मांगी गई थी। इसमें देरी हुई है।
उधर, बड़ोखर खुर्द ब्लाक के मथनाखेडा व बिसंडी खुर्द के ग्रामीणों ने मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में कहा है कि नए प्रस्ताव में बिसंडी खुर्द को नई ग्राम पंचायत बनाया गया है। अब कुछ ब्लाक स्तरीय अधिकारी बिना किसी कारण के इसे निरस्त करने की कोशिश कर रहे हैं। यह जन भावनाओं के खिलाफ होगा। ज्ञापन देने वालों में डॉ.शैलेंद्र रंजन, सत्यनारायण, लखनलाल, अशोक कुमार, नवलकिशोर, दिलीप, शिव कुमार, बलराम आदि शामिल रहे। ब्लाक प्रमुख भूरी देवी ने भी उनके पक्ष में संस्तुति की है। इसके अलावा बड़ोखर ब्लाक की इटवां ग्राम पंचायत का नाम बदल कर करछा किए जाने पर ग्राम पंचायत की खुली बैठक में इसका विरोध किया गया। डीएम व डीपीआरओ को भी ज्ञापन दिया। नरैनी ब्लाक के मूड़ी ग्राम पंचायत से खंदेउरा व डहरी राजस्व गांव को अलग करने पर भी विरोध जताया गया। इन दोनों राजस्व गांवों को मूड़ी से हटाकर नई ग्राम पंचायत कहला से जोड़ा गया है।
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पंचायतीराज निदेशालय से जारी नए आदेश के मुताबिक पुनर्गठन प्रस्ताव का अंतिम प्रकाशन 12 नवंबर और आपत्तियों के लिए 22 नवंबर अंतिम तिथि निर्धारित थी। डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति से आपत्तियों के निस्तारण के बाद 25 नवंबर तक अंतिम संस्तुति निदेशालय को भेजी जानी थी, लेकिन अभी तक आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो सका। डीपीआरओ रणधीर सिंह इसके लिए ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हैं। उनका कहना है कि आपत्तियों पर एडीओ पंचायत व खंड विकास अधिकारियों से आख्या मांगी गई थी। इसमें देरी हुई है।
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उधर, बड़ोखर खुर्द ब्लाक के मथनाखेडा व बिसंडी खुर्द के ग्रामीणों ने मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में कहा है कि नए प्रस्ताव में बिसंडी खुर्द को नई ग्राम पंचायत बनाया गया है। अब कुछ ब्लाक स्तरीय अधिकारी बिना किसी कारण के इसे निरस्त करने की कोशिश कर रहे हैं। यह जन भावनाओं के खिलाफ होगा। ज्ञापन देने वालों में डॉ.शैलेंद्र रंजन, सत्यनारायण, लखनलाल, अशोक कुमार, नवलकिशोर, दिलीप, शिव कुमार, बलराम आदि शामिल रहे। ब्लाक प्रमुख भूरी देवी ने भी उनके पक्ष में संस्तुति की है। इसके अलावा बड़ोखर ब्लाक की इटवां ग्राम पंचायत का नाम बदल कर करछा किए जाने पर ग्राम पंचायत की खुली बैठक में इसका विरोध किया गया। डीएम व डीपीआरओ को भी ज्ञापन दिया। नरैनी ब्लाक के मूड़ी ग्राम पंचायत से खंदेउरा व डहरी राजस्व गांव को अलग करने पर भी विरोध जताया गया। इन दोनों राजस्व गांवों को मूड़ी से हटाकर नई ग्राम पंचायत कहला से जोड़ा गया है।
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