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बिजली की कमी का ठीकरा केंद्र पर फोड़ा
Banda
Updated Tue, 03 Jun 2014 05:32 AM IST
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बांदा। बिजली कटौती को लेकर सूबे में प्रदेश सरकार की हो रही खिंचाई पर सपाइयों ने कहा है कि केंद्र सरकार की वजह से यह समस्या उत्पन्न हुई है। राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में केंद्र से निर्धारित कोटे की बिजली दिलाने की मांग की है।
सपा जिला कार्यकर्ता सम्मेलन में सोमवार को जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी ने कि भाजपा का धरना-प्रदर्शन राजनीति से प्रेरित है। केंद्र सरकार से जितनी बिजली प्रदेश को मिलनी चाहिए, उसमें से एक हजार मेगावाट कम दी जा रही है। यदि केंद्र सरकार निर्धारित कोटे के अनुसार प्रदेश को बिजली मुहैया कराए तो उपभोक्ताओं को 20 घंटे से ज्यादा मिल सकती है। जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपित को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि इस समय प्रदेश को करीब 11800 मेगावाट बिजली की जरूरत है। इसके सापेक्ष उपभोक्ताओं को 11500 मेगावाट बिजली दी जा रही है। केंद्रीय सेक्टर से सिर्फ 4500 मेगावाट बिजली मिल रही है। जबकि केंद्र से यूपी को 6200 मेगावाट का कोटा निर्धारित है। सम्मेलन में विशंभर सिंह यादव, राजेंद्र, रामपाल प्रजापति, प्रदीप दीक्षित, पीयूष गुप्ता, अंसार अहमद सिद्दीकी, बलवान सिंह, निर्भय सिंह मोंटी, प्रदीप यादव, अभिलाष यादव मौजूद रहे।
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सपा जिला कार्यकर्ता सम्मेलन में सोमवार को जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी ने कि भाजपा का धरना-प्रदर्शन राजनीति से प्रेरित है। केंद्र सरकार से जितनी बिजली प्रदेश को मिलनी चाहिए, उसमें से एक हजार मेगावाट कम दी जा रही है। यदि केंद्र सरकार निर्धारित कोटे के अनुसार प्रदेश को बिजली मुहैया कराए तो उपभोक्ताओं को 20 घंटे से ज्यादा मिल सकती है। जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपित को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि इस समय प्रदेश को करीब 11800 मेगावाट बिजली की जरूरत है। इसके सापेक्ष उपभोक्ताओं को 11500 मेगावाट बिजली दी जा रही है। केंद्रीय सेक्टर से सिर्फ 4500 मेगावाट बिजली मिल रही है। जबकि केंद्र से यूपी को 6200 मेगावाट का कोटा निर्धारित है। सम्मेलन में विशंभर सिंह यादव, राजेंद्र, रामपाल प्रजापति, प्रदीप दीक्षित, पीयूष गुप्ता, अंसार अहमद सिद्दीकी, बलवान सिंह, निर्भय सिंह मोंटी, प्रदीप यादव, अभिलाष यादव मौजूद रहे।
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