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दलित को पीटने में दो को जेल, जुर्माना
Banda
Updated Thu, 31 Oct 2013 05:42 AM IST
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बांदा। मजदूरी मांगने पर दलित युवक को जमकर पीटने के जुर्म में अदालत ने दो आरोपियों को एक-एक वर्ष कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
अतर्रा थाना क्षेत्र के पचोखर गांव निवासी मलखान वर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपने गांव के अमित कुमार उर्फ अइया धतुरहा के यहां मजदूरी में खंती खोदी थी। 1040 रुपये मजदूरी मिलना थी। 12 जनवरी 2005 को दोपहर उसने गांव में एक दुकान के सामने मिल गए अमित से मजदूरी मांगी तो वह नाराज हो गया। लात-घूंसों से उसे देर तक पीटा। मलखान खून में लथपथ हो गया। थाने में उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। बाद में अधिकारियों के यहां दस्तक देने पर 25 मार्च 2005 को रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक नवीन दुबे ने तीन गवाह पेश किए। बुधवार को विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) रामअधार राम ने इस मामले का फैसला सुनाते हुए दोनों अभियुक्तों को धारा 323 व धारा 504 में छह-छह माह की सश्रम कैद और 500-500 रुपये जुर्माना तथा एससीएसटी एक्ट में एक वर्ष की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। जुर्माना न अदा करने पर क्रमश: एक-एक माह व दो-दो माह और जेल में रहना होगा। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। दोनों अभियुक्तों को अपील की अवधि तक के लिए जमानत दाखिल करने पर रिहा कर दिया गया।
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अतर्रा थाना क्षेत्र के पचोखर गांव निवासी मलखान वर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपने गांव के अमित कुमार उर्फ अइया धतुरहा के यहां मजदूरी में खंती खोदी थी। 1040 रुपये मजदूरी मिलना थी। 12 जनवरी 2005 को दोपहर उसने गांव में एक दुकान के सामने मिल गए अमित से मजदूरी मांगी तो वह नाराज हो गया। लात-घूंसों से उसे देर तक पीटा। मलखान खून में लथपथ हो गया। थाने में उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। बाद में अधिकारियों के यहां दस्तक देने पर 25 मार्च 2005 को रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक नवीन दुबे ने तीन गवाह पेश किए। बुधवार को विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) रामअधार राम ने इस मामले का फैसला सुनाते हुए दोनों अभियुक्तों को धारा 323 व धारा 504 में छह-छह माह की सश्रम कैद और 500-500 रुपये जुर्माना तथा एससीएसटी एक्ट में एक वर्ष की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। जुर्माना न अदा करने पर क्रमश: एक-एक माह व दो-दो माह और जेल में रहना होगा। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। दोनों अभियुक्तों को अपील की अवधि तक के लिए जमानत दाखिल करने पर रिहा कर दिया गया।