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1578 करोड़ में सिर्फ दो करोड़ कर्ज होगा माफ
Banda
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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बांदा। मुलायम सिंह के जन्मदिन पर अखिलेश सरकार का किसानों को दिया कर्जमाफी का तोहफा बुंदेलखंड के पिछड़े जिले बांदा जनपद के लिए ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ साबित होगा। कर्ज में डूबे किसानों में से एक फीसदी का भी कर्ज माफ नहीं हो सकेगा। पूरे जनपद में किसानों पर 1578 करोड़ रुपए का कर्ज है। सिर्फ मौजूदा चालू वर्ष में लगभग 45 हजार किसानों ने 340 करोड़ से ज्यादा रुपए का कर्ज ले रखा है जबकि अखिलेश सरकार की घोषणा से मात्र 1725 किसानों का दो करोड़ 34 लाख रुपए ही माफ हो पाएगा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कृषि एवं भूमि विकास ग्रामीण बैंक के 50 हजार तक के कर्जदार किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की है। उसमें भी शर्त है कि जिन किसानों ने इसी वर्ष (2012 में) 31 मार्च तक अपने कर्ज की 10 फीसदी रकम वापस जमा कर दी होगी, उन्हीं को माफी का लाभ मिलेगा। ऐसे किसान बांदा जनपद में मात्र 1725 हैं। ग्रामीण विकास बैंक की बांदा जनपद में मात्र तीन शाखाएं हैं। इनमें एक मुख्यालय बांदा में और दूसरी नरैनी और तीसरी बबेरू में हैं। तीनों शाखाओं में 50 हजार रुपए तक कर्ज लेने वाले किसानों की तादाद 1942 है। इसमें मात्र 1725 कर्जदार किसान ऐेसे हैं जिन्होंने 31 मार्च तक 10 प्रतिशत रकम जमा कर दी है। 217 ने धेला नहीं जमा किया। चालू वित्तीय वर्ष में मार्च माह तक बांदा में किसानों पर बैंकों का 1578 करोड़ रुपए बकाया था। इसमें 1352 करोड़ कृषि ऋण (976 करोड़ के केसीसी सहित) शामिल हैं। इसके अलावा लघु उद्योग ऋण 43 करोड़ और व्यापार व अन्य सेवा के लिए 97 करोड़ का कर्ज है। सरकार ने सिर्फ ग्रामीण विकास बैंक से कर्ज लेने वाले किसानों का कर्ज माफ किया है जबकि ज्यादातर किसान अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों से कर्ज लिए हुए हैं। इस वर्ष इलाहाबाद बैंक से 428 करोड़, स्टेट बैंक से 52 करोड़, सेंट्रल बैंक से नौ करोड़, बैंक आफ बड़ौदा से दो करोड़, पंजाब नेशनल बैंक से आठ करोड़, कोआपरेटिव बैंक से 48 करोड़ और यूनियन बैंक से दो करोड़ रुपए के कर्ज शामिल हैं। किसानों ने चालू वित्तीय वर्ष में 976 करोड़ रुपए से ज्यादा किसान क्रेडिट कार्ड बनवाए हैं। पूरे जनपद में मात्र इस वर्ष 45 हजार से ज्यादा किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए कर्ज हासिल किया है।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कृषि एवं भूमि विकास ग्रामीण बैंक के 50 हजार तक के कर्जदार किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की है। उसमें भी शर्त है कि जिन किसानों ने इसी वर्ष (2012 में) 31 मार्च तक अपने कर्ज की 10 फीसदी रकम वापस जमा कर दी होगी, उन्हीं को माफी का लाभ मिलेगा। ऐसे किसान बांदा जनपद में मात्र 1725 हैं। ग्रामीण विकास बैंक की बांदा जनपद में मात्र तीन शाखाएं हैं। इनमें एक मुख्यालय बांदा में और दूसरी नरैनी और तीसरी बबेरू में हैं। तीनों शाखाओं में 50 हजार रुपए तक कर्ज लेने वाले किसानों की तादाद 1942 है। इसमें मात्र 1725 कर्जदार किसान ऐेसे हैं जिन्होंने 31 मार्च तक 10 प्रतिशत रकम जमा कर दी है। 217 ने धेला नहीं जमा किया। चालू वित्तीय वर्ष में मार्च माह तक बांदा में किसानों पर बैंकों का 1578 करोड़ रुपए बकाया था। इसमें 1352 करोड़ कृषि ऋण (976 करोड़ के केसीसी सहित) शामिल हैं। इसके अलावा लघु उद्योग ऋण 43 करोड़ और व्यापार व अन्य सेवा के लिए 97 करोड़ का कर्ज है। सरकार ने सिर्फ ग्रामीण विकास बैंक से कर्ज लेने वाले किसानों का कर्ज माफ किया है जबकि ज्यादातर किसान अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों से कर्ज लिए हुए हैं। इस वर्ष इलाहाबाद बैंक से 428 करोड़, स्टेट बैंक से 52 करोड़, सेंट्रल बैंक से नौ करोड़, बैंक आफ बड़ौदा से दो करोड़, पंजाब नेशनल बैंक से आठ करोड़, कोआपरेटिव बैंक से 48 करोड़ और यूनियन बैंक से दो करोड़ रुपए के कर्ज शामिल हैं। किसानों ने चालू वित्तीय वर्ष में 976 करोड़ रुपए से ज्यादा किसान क्रेडिट कार्ड बनवाए हैं। पूरे जनपद में मात्र इस वर्ष 45 हजार से ज्यादा किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए कर्ज हासिल किया है।
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