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Banda News: नजूल की 95 हजार वर्ग मीटर भूमि पर दबंगों का कब्जा
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बांदा। शहर में नगर पालिका की करीब दो अरब की संपत्ति पर दबंगों का अवैध कब्जा है। नजूल की करीब 95 हजार वर्ग मीटर जमीन पर लोगों ने अवैध तरीके से मकान खड़े कर लिए हैं। दशक भर पहले 969 लोगों को नोटिस भेजा था, पर आज तक अवैध कब्जे से भूमि नहीं खाली कराई जा सकी। साथ ही 41 पट्टाधारकों ने अवधि खत्म होने के बाद भी आज तक नवीनीकरण नहीं कराया।
नगर पालिका की 94,352 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर लंबे अरसे से लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। इन्हें खाली कराने में पालिका प्रशासन नाकाम है। इस भूमि की कीमत करीब दो अरब है। 14 वर्ष पूर्व कब्जेदारों को बेदखली का नोटिस देने के बाद जिम्मेदारों ने चुप्पी साध ली। पालिका के अभिलेखों के मुताबिक 2,35,452 वर्ग मीटर भूमि नजूल है।
इसी तरह अतर्रा में 6,123 वर्ग मीटर नजूल भूमि दर्ज है। नजूल की भूमि पर 969 लोगों की सूची तैयार की गई है। इनके कब्जे में 94,352.63 वर्ग मीटर भूमि है। कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं, जहां जमीन की कीमतें ज्यादा हैं। इसके अलावा 106 कब्जेधारकों ने 32,673.29 वर्ग मीटर भूमि को फ्री होल्ड कराया है। शहर में अब मात्र 1.41 लाख वर्ग मीटर नजूल भूमि बची है। वह भी इसलिए बची है कि यह जमीन ऊबड़-खाबड़ और बंजर है।
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अधिकारियों के मुताबिक 14 साल पूर्व अवैध कब्जाधारकों को नोटिस जारी कर कहा गया था कि भूमि को फ्री होल्ड करा लें, लेकिन नोटिसों के बाद भी कब्जे ज्यों का त्यों बरकरार हैं। शहर में 57 लोगों को पट्टे पर भूमि दी गई थी। पट्टा प्राप्त करने वालों की निर्धारित 30 वर्ष की अवधि भी खत्म हो चुकी है। अधिकतर लोगों ने नवीनीकरण भी नहीं कराया।
पीपी एक्ट में 429 पर दायर हुए मुकदमे
नगर पालिका की नजूल पर 969 लोगों ने अवैध कब्जा किया था। पालिका का दबाव पड़ा तो इनमें से 106 लोगों ने नजूल जमीन को फ्री होल्ड करा लिया था। इसके बाद नगर पालिका ने लंबे अरसे से जमे 429 अवैध कब्जेदारों पर पीपी एक्ट के तहत मुकदमे दायर किए थे। इनके कब्जे में 38,397.59 वर्ग मीटर नजूल भूमि है। दशक भर से न्यायालय में मुकदमे विचाराधीन हैं। तारीख की प्रक्रिया चल रही है। इनका निपटारा होने के बाद ही फ्री होल्ड या बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।
शहर में नजूल भूमि का सर्वे कराया जाएगा। अवैध कब्जाधारकों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। अभी अवैध कब्जे के मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं। -नीलम चौधरी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका बांदा।
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नगर पालिका की 94,352 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर लंबे अरसे से लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। इन्हें खाली कराने में पालिका प्रशासन नाकाम है। इस भूमि की कीमत करीब दो अरब है। 14 वर्ष पूर्व कब्जेदारों को बेदखली का नोटिस देने के बाद जिम्मेदारों ने चुप्पी साध ली। पालिका के अभिलेखों के मुताबिक 2,35,452 वर्ग मीटर भूमि नजूल है।
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इसी तरह अतर्रा में 6,123 वर्ग मीटर नजूल भूमि दर्ज है। नजूल की भूमि पर 969 लोगों की सूची तैयार की गई है। इनके कब्जे में 94,352.63 वर्ग मीटर भूमि है। कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं, जहां जमीन की कीमतें ज्यादा हैं। इसके अलावा 106 कब्जेधारकों ने 32,673.29 वर्ग मीटर भूमि को फ्री होल्ड कराया है। शहर में अब मात्र 1.41 लाख वर्ग मीटर नजूल भूमि बची है। वह भी इसलिए बची है कि यह जमीन ऊबड़-खाबड़ और बंजर है।
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अधिकारियों के मुताबिक 14 साल पूर्व अवैध कब्जाधारकों को नोटिस जारी कर कहा गया था कि भूमि को फ्री होल्ड करा लें, लेकिन नोटिसों के बाद भी कब्जे ज्यों का त्यों बरकरार हैं। शहर में 57 लोगों को पट्टे पर भूमि दी गई थी। पट्टा प्राप्त करने वालों की निर्धारित 30 वर्ष की अवधि भी खत्म हो चुकी है। अधिकतर लोगों ने नवीनीकरण भी नहीं कराया।
पीपी एक्ट में 429 पर दायर हुए मुकदमे
नगर पालिका की नजूल पर 969 लोगों ने अवैध कब्जा किया था। पालिका का दबाव पड़ा तो इनमें से 106 लोगों ने नजूल जमीन को फ्री होल्ड करा लिया था। इसके बाद नगर पालिका ने लंबे अरसे से जमे 429 अवैध कब्जेदारों पर पीपी एक्ट के तहत मुकदमे दायर किए थे। इनके कब्जे में 38,397.59 वर्ग मीटर नजूल भूमि है। दशक भर से न्यायालय में मुकदमे विचाराधीन हैं। तारीख की प्रक्रिया चल रही है। इनका निपटारा होने के बाद ही फ्री होल्ड या बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।
शहर में नजूल भूमि का सर्वे कराया जाएगा। अवैध कब्जाधारकों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। अभी अवैध कब्जे के मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं। -नीलम चौधरी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका बांदा।