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श्रीमद्भागवत कथा में अवतार का बताया महत्व

Sun, 14 Apr 2019 11:19 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 14 Apr 2019 11:19 PM IST
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श्रीमद्भागवत कथा में अवतार का बताया महत्व
खप्टिहा कलां। सिद्धपीठ पाथा दाई मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन रविवार को जगद्गुरु शंकराचार्य मुन्नीशाश्रम ने अवतार का महत्व बताया। कहा अवतार छह प्रकार के होते हैं। अंशावतार, ब्रम्हादिक देवता अवतार, कला अवतार, पूर्णावतार और हरि अवतार शामिल हैं। शंकराचार्य ने कहा जिनके हृदय में ज्ञान व भगवान का प्रकाश हो जाता है वह परमधाम को प्राप्त होता है। नंद ज्ञान और यशोदा भक्ति का प्रतीक हैं।
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उत्सव का शाब्दिक अर्थ परमात्मा से संबंध हो जाना है। अखिल भारतीय दंडी समाज के महामंत्री स्वामी ब्रम्हाश्रम महाराज ने कहा श्रीमद्भागवत महापुराण आत्मरंजन का साधन है। हरेक मनुष्य का कर्तव्य है कि चिंता संस्कार की और चिंतन भगवान का करें। दर्जनभर ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चारण के बीच मूर्ति स्थापना कराई। श्रीकृष्ण जन्म पर महिलाओं ने गीत गाए और नृत्य के साथ उत्सव मनाया। जाहर सिंह, डा. सुभाष गुप्त, महेश तिवारी, रज्जन शास्त्रत्त्ी, मोहित तिवारी आदि ने व्यवस्था संभाली। ब्यूरो
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