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दो दिन में 86 मिमी बारिश, किसानों को राहत
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86 mm of rain in two days, relief to farmers
- फोटो : BANDA
बांदा। मौसम विभाग की यलो अलर्ट चेतावनी सटीक साबित हुई। जुलाई में तेज धूप और उमस से बेहाल लोगों को अचानक मौसम में आई तब्दीली ने राहत दे दी। दो दिनों में 86 व जुलाई माह में 202 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई। यह खरीफ की दलहन व तिलहन बुआई के लिहाज से पर्याप्त है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक दो दिनों में जिले में 86 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। हालांकि बारिश का सिलसिला अभी जारी है। जुलाई के 21 दिनों में 202 मिमी बारिश बताई गई है। यूपी सहित एमपी के कई हिस्सों में बारिश से यमुना व केन नदी के जल स्तर में भी मामूली वृद्धि हुई है।
कृषि विश्वविद्यालय के मौसम व कृषि वैज्ञानिक दिनेश शाहा ने कहा कि अभी चार दिनों तक बारिश की संभावना है। किसान जुलाई के दूसरे पखवाड़े तक दलहन की बुआई कर सकते हैं, लेकिन उन्नत किस्म के प्रमाणित बीजों की बुआई करें। इससे समय से फसल तैयार हो जाएगी। अन्यथा रबी की बुआई पिछड़ जाएगी।
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धान की बेड़ का समय निकल गया है, लेकिन अभी भी किसान बेड़ रोप दें तो फसल बेहतर हो सकती है। उधर, किसान रामभरोसे का कहना है कि बारिश न होने से बोई गई दलहन व तिलहन की फसल व धान की बेड़ सूख रही थी। बारिश से वह फसल की बुआई कर सकेंगे।
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केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक दो दिनों में जिले में 86 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। हालांकि बारिश का सिलसिला अभी जारी है। जुलाई के 21 दिनों में 202 मिमी बारिश बताई गई है। यूपी सहित एमपी के कई हिस्सों में बारिश से यमुना व केन नदी के जल स्तर में भी मामूली वृद्धि हुई है।
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कृषि विश्वविद्यालय के मौसम व कृषि वैज्ञानिक दिनेश शाहा ने कहा कि अभी चार दिनों तक बारिश की संभावना है। किसान जुलाई के दूसरे पखवाड़े तक दलहन की बुआई कर सकते हैं, लेकिन उन्नत किस्म के प्रमाणित बीजों की बुआई करें। इससे समय से फसल तैयार हो जाएगी। अन्यथा रबी की बुआई पिछड़ जाएगी।
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धान की बेड़ का समय निकल गया है, लेकिन अभी भी किसान बेड़ रोप दें तो फसल बेहतर हो सकती है। उधर, किसान रामभरोसे का कहना है कि बारिश न होने से बोई गई दलहन व तिलहन की फसल व धान की बेड़ सूख रही थी। बारिश से वह फसल की बुआई कर सकेंगे।