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84 कोसी पद यात्रा के संतों का स्वागत
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84 कोसी परिक्रमा में निकले संतों का अतर्रा में स्वागत करते श्रद्धालु।
- फोटो : BANDA
अतर्रा (बांदा)। चित्रकूटधाम की 84 कोसी पदयात्रा में निकले साधु-संतों की टोली गुरुवार को अतर्रा पहुंची। गौराबाबा धाम में विश्राम किया। शुक्रवार को चौसड़ गांव के लिए प्रस्थान करेंगे। संतों का यहां स्वागत हुआ।
उधर, कोरोना वायरस के खौफ से श्रद्धालुओं ने संतों को दूर से ही हाथ जोड़कर आशीर्वाद लिया। संतों ने तपस्या और पूजा-अर्चना के चलते बीमारी न आने की बात कही। जयपुर के महामंडलेश्वर प्रेमदास महाराज और जानकीकुंड (चित्रकूट) के भगवत आराधना आश्रम महंत गोविंद दास के नेतृत्व में साधु संतों की यह 84 कोसी परिक्रमा 465 किलोमीटर की यात्रा करेगी। यह 23 फरवरी को चित्रकूट से शुरू हुई थी। रामनाम संकीर्तन के साथ इसका संचालन जारी है। रात्रि विश्राम गांवों में करने के बाद अगले दिन प्रस्थान करती है। यहां आगमन पर सिविल लाइन बैरियर के पास लक्ष्मीचंद्र गुप्ता के नेतृत्व में संतों को भोजन परोसा गया।
शिवगोपाल गुप्ता, रामशरण, रामनरेश, हिमांशू, हरीराम, रामजी, अंगद यादव, उमेश, अमित आदि शामिल रहे। गौराबाबा धाम संचालक पुजारी मुन्ना महाराज ने संतों की आवभगत की।
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उधर, कोरोना वायरस के खौफ से श्रद्धालुओं ने संतों को दूर से ही हाथ जोड़कर आशीर्वाद लिया। संतों ने तपस्या और पूजा-अर्चना के चलते बीमारी न आने की बात कही। जयपुर के महामंडलेश्वर प्रेमदास महाराज और जानकीकुंड (चित्रकूट) के भगवत आराधना आश्रम महंत गोविंद दास के नेतृत्व में साधु संतों की यह 84 कोसी परिक्रमा 465 किलोमीटर की यात्रा करेगी। यह 23 फरवरी को चित्रकूट से शुरू हुई थी। रामनाम संकीर्तन के साथ इसका संचालन जारी है। रात्रि विश्राम गांवों में करने के बाद अगले दिन प्रस्थान करती है। यहां आगमन पर सिविल लाइन बैरियर के पास लक्ष्मीचंद्र गुप्ता के नेतृत्व में संतों को भोजन परोसा गया।
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शिवगोपाल गुप्ता, रामशरण, रामनरेश, हिमांशू, हरीराम, रामजी, अंगद यादव, उमेश, अमित आदि शामिल रहे। गौराबाबा धाम संचालक पुजारी मुन्ना महाराज ने संतों की आवभगत की।
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