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मंद गति से चल रहा कंपोस्ट यूनिटों का निर्माण
Updated Sat, 25 Aug 2018 11:45 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। मिट्टी में जीवांश कार्बन बढ़ाने के लिए वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापना का काम सुस्त रफ्तार से चल रहा है। चित्रकूटधाम मंडल के लिए 2392 यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें अब तक मात्र साढ़े 800 यूनिट का निर्माण हो पाया है।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के तहत चित्रकूटधाम मंडल के प्रत्येक राजस्व ग्राम में एक-एक यूनिट स्थापना का कार्य चल रहा है। एक साल बीत गया है और अभी 1500 से अधिक यूनिटों का निर्माण अधूरा है। योजना के तहत अनुदान पर ये यूनिटें स्थापित कराई जा रही हैं। एक यूनिट की लागत आठ हजार रुपये है। इसमें लाभार्थी को छह हजार रुपये का अनुदान सरकार द्वारा दिया जाता है। शेष दो हजार रुपये लाभार्थी को स्वयं वहन करने पड़ते हैं। उप कृषि निदेशक एके सिंह ने बताया कि पिछले साल का जो लक्ष्य शेष रह गया था उसे इस वित्तीय वर्ष में जोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि शेष यूनिटों का भी शीघ्र निर्माण कराकर लक्ष्य पूरा कराया जाएगा।
पिछले वर्ष की यूनिटें भले अभी अधूरी हैं लेकिन चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 में बांदा को फिर 800 वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य मिला है। कृषि विभाग का कहना है कि पिछले वर्ष के शेष लक्ष्य को इस वर्ष के लक्ष्य में शामिल कर लिया गया है।
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अतर्रा के जैविक कृषक विज्ञान शुक्ला का कहना है कि आरकेवीवाई के तहत संचालित वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापना योजना अच्छी है। इससे तैयार होने वाली खाद मिट्टी के लिए बहुत ही फायदेमंद रहती है लेकिन समय से बजट न मिलने के कारण यह योजना मंद गति से चल रही है।
खेतों को उपजाऊ बनाने के लिए एक ओर जहां वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित की जा रही हैं वहीं मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में संकलित नमूनों की जांच कर पोषक तत्वों की उपलब्धता का पता लगाया जा रहा है। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक चित्रकूटधाम मंडल में इस वर्ष 94,422 नमूने संकलित हुए हैं। इनमें हमीरपुर में 30,261, महोबा में 22,092, बांदा में 30,760 एवं चित्रकूट में 11,309 नमूने शामिल हैं।
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-पिछले वर्ष 2392 यूनिट स्थापना का मिला था लक्ष्य
-1500 से अधिक यूनिटों का नहीं पूरा हो पाया था निर्माण
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बांदा। मिट्टी में जीवांश कार्बन बढ़ाने के लिए वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापना का काम सुस्त रफ्तार से चल रहा है। चित्रकूटधाम मंडल के लिए 2392 यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें अब तक मात्र साढ़े 800 यूनिट का निर्माण हो पाया है।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के तहत चित्रकूटधाम मंडल के प्रत्येक राजस्व ग्राम में एक-एक यूनिट स्थापना का कार्य चल रहा है। एक साल बीत गया है और अभी 1500 से अधिक यूनिटों का निर्माण अधूरा है। योजना के तहत अनुदान पर ये यूनिटें स्थापित कराई जा रही हैं। एक यूनिट की लागत आठ हजार रुपये है। इसमें लाभार्थी को छह हजार रुपये का अनुदान सरकार द्वारा दिया जाता है। शेष दो हजार रुपये लाभार्थी को स्वयं वहन करने पड़ते हैं। उप कृषि निदेशक एके सिंह ने बताया कि पिछले साल का जो लक्ष्य शेष रह गया था उसे इस वित्तीय वर्ष में जोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि शेष यूनिटों का भी शीघ्र निर्माण कराकर लक्ष्य पूरा कराया जाएगा।
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पिछले वर्ष की यूनिटें भले अभी अधूरी हैं लेकिन चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 में बांदा को फिर 800 वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य मिला है। कृषि विभाग का कहना है कि पिछले वर्ष के शेष लक्ष्य को इस वर्ष के लक्ष्य में शामिल कर लिया गया है।
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अतर्रा के जैविक कृषक विज्ञान शुक्ला का कहना है कि आरकेवीवाई के तहत संचालित वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापना योजना अच्छी है। इससे तैयार होने वाली खाद मिट्टी के लिए बहुत ही फायदेमंद रहती है लेकिन समय से बजट न मिलने के कारण यह योजना मंद गति से चल रही है।
खेतों को उपजाऊ बनाने के लिए एक ओर जहां वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित की जा रही हैं वहीं मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में संकलित नमूनों की जांच कर पोषक तत्वों की उपलब्धता का पता लगाया जा रहा है। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक चित्रकूटधाम मंडल में इस वर्ष 94,422 नमूने संकलित हुए हैं। इनमें हमीरपुर में 30,261, महोबा में 22,092, बांदा में 30,760 एवं चित्रकूट में 11,309 नमूने शामिल हैं।
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-पिछले वर्ष 2392 यूनिट स्थापना का मिला था लक्ष्य
-1500 से अधिक यूनिटों का नहीं पूरा हो पाया था निर्माण