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इनकम न होने से रोडवेज की 59 बसें सरेंडर

Fri, 28 Aug 2020 11:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2020 11:48 PM IST
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59 buses of roadways surrendered due to lack of income
बांदा। इनकम न होने की वजह से रोडवेज ने चित्रकूटधाम मंडल में 59 बसों को सरेंडर कर दिया। सवारी न निकलने से सभी बसें डिपो में खड़ी थी। निगम को प्रति माह 6.13 लाख रुपये रोड टैक्स लग रहा था।
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उधर, शासन के निर्देश पर रोडवेज 40 और बसों को सरेंडर की तैयारी में लगा है।
कोरोना संक्रमण की वजह से रोडवेज को काफी नुकसान हो रहा है। एक तो मानक के अनुसार सवारियां नहीं निकल रहीं हैं, दूसरा डिपो में खड़ी बसों का प्रति माह लाखों रुपये रोड टैक्स लग रहा है।
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चित्रकूटधाम मंडल के बेडे़ में 399 बसें हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से सिर्फ 300 बसों का संचालन हो रहा है। सवारियां न मिलने से 99 बसें डिपो में खड़ी हैं। रोडवेज को हरेक बस में प्रति यात्री 200 रुपये मासिक रोड टैक्स अदा करना होता है।
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यह निर्धारित है, यानी प्रति बस 10,400 रुपये रोड टैक्स लगता है। डिपो की 99 बसों का टैक्स हर महीने 10.29 लाख रुपये अदा करना पड़ रहा था। इधर, मार्च से लॉकडाउन ने रोडवेज की आमदनी गिर गई। बसों का संचालन कई माह पूरी तरह ठप रहा, लेकिन रोड टैक्स अदा ही करना पड़ा। रोडवेज अधिकारियों ने इस घाटे से निजात पाने के लिए बसों को सरेंडर करने का रास्ता खोज निकाला है।
मंडल की 59 बसों को सरेंडर कर दिया है। अब ये बसें सड़क पर नहीं चलेंगी। इसकी सूचना निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक ने संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय को भेज दी है। अब रोडवेज को हर माह लगभग 6.13 लाख रुपये रोड टैक्स नहीं देना पड़ेगा। इसके साथ ही परिवहन विभाग अगले चरण में जल्द ही 40 और बसों को सरेंडर करने की तैयारी में है।
तीन कैटेगरी में देना पड़ता है रोड टैक्स
रोडवेज बसों को तीन कैटेगरी में रोड टैक्स देना पड़ता है। परिवहन विभाग नई बसों का 500 रुपये, पांच साल पुरानी बस का 300 रुपये व इससे अधिक पुरानी बस का 200 रुपये प्रति सीट मासिक टैक्स लेता है। मंडल में सरेंडर की गईं 59 बसें पांच साल से अधिक पुरानी हैं। इनका 200 रुपये की दर से रोड टैक्स लग रहा था।

कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन की वजह से कुछ बसों में पर्याप्त आमदनी नहीं आ रही थी। निगम को रोड टैक्स भरना पड़ रहा था। शासन की अनुमति के बाद 59 बसें सरेंडर कर दी गई हैं। 40 बसें और सरेंडर की जाएगी।-केपी सिंह, स्टेशन प्रबंधक, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।
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