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दो दिन बाद आई 57 नमूनों की जांच निगेटिव
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बांदा। प्रवासी मजदूरों के लगातार आने के बावजूद बांदा के लिए रविवार राहतभरा रहा। 22 और 23 मई को भेजे गए कुल 57 नमूनों की जांच निगेटिव आई। इनमें अधिकांश प्रवासी मजदूर और पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आने वाले थे। उधर, मेडिकल कालेज में भर्ती पॉजिटिव मरीजों में चित्रकूट के सात मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई।
शहर मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर नरैनी सीएचसी से सैंपल भेजने की व्यवस्था है। यहां से 22 मई को 41 और 23 मई को 21 नमूने जांच के लिए झांसी लैब भेजे गए थे। रविवार को शाम इन सभी निगेटिव रिपोर्ट आई। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने इसकी पुष्टि की।
उन्होंने यह भी बताया कि चित्रकूट जनपद के सात पॉजिटिव मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें मेडिकल कालेज से डिस्चार्ज कर दिया गया। उधर, मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा.मुकेश यादव ने बताया कि मौजूदा में 8 सक्रिय मरीज हैं। इनमें चित्रकूट के 4, हमीरपुर के 2 और महोबा व बांदा के 1-1 मरीज शामिल हैं।
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डायलिसिस को आने वालों की होगी कोरोना जांच
बांदा। डायलिसिस के लिए आने वाले मरीजों की अब कोरोना जांच होगी। एल-वन कोविड हॉस्पिटल सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डा.बीएस राजपूत ने बताया कि बिना संक्रमण जांच के डायलिसिस नहीं होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि शनिवार को 20 डायलिसिस मरीजों को नरैनी सैंपल के लिए भेजने की सूचना थी। लेकिन मात्र 9 आए। अन्य 11 मरीज नहीं आए। डा.राजपूत ने बताया कि महानगरों से ट्रेनों में आ रहे प्रवासी मजदूरों का पूल टेस्ट होगा। प्रत्येक बोगी से एक या दो संदिग्ध चिन्हित कर उनका नमूना भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने तक उन्हें सीएचसी अथवा कृषि विश्वविद्यालय क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा।
ढाई सैकड़ा प्रवासी मजदूर अस्पताल आए
बांदा। जिला अस्पताल स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला थम नहीं रहा। रविवार को सुबह से दोपहर तक लगभग ढाई सैकड़ा मजदूरों ने अपनी जांच कराई।
कुछ का शारीरिक तापमान बढ़ा पाया। लेकिन वे नरैनी सीएचसी नहीं गए। उन्हें होम क्वारंटीन में भेज दिया गया। हालांकि जिला अस्पताल में प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग और उनके स्वास्थ्य परीक्षण का जिम्मा प्रशिक्षित स्टाफ की बजाए संविदा कर्मी संभाले हैं।
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शहर मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर नरैनी सीएचसी से सैंपल भेजने की व्यवस्था है। यहां से 22 मई को 41 और 23 मई को 21 नमूने जांच के लिए झांसी लैब भेजे गए थे। रविवार को शाम इन सभी निगेटिव रिपोर्ट आई। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने इसकी पुष्टि की।
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उन्होंने यह भी बताया कि चित्रकूट जनपद के सात पॉजिटिव मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें मेडिकल कालेज से डिस्चार्ज कर दिया गया। उधर, मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा.मुकेश यादव ने बताया कि मौजूदा में 8 सक्रिय मरीज हैं। इनमें चित्रकूट के 4, हमीरपुर के 2 और महोबा व बांदा के 1-1 मरीज शामिल हैं।
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डायलिसिस को आने वालों की होगी कोरोना जांच
बांदा। डायलिसिस के लिए आने वाले मरीजों की अब कोरोना जांच होगी। एल-वन कोविड हॉस्पिटल सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डा.बीएस राजपूत ने बताया कि बिना संक्रमण जांच के डायलिसिस नहीं होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि शनिवार को 20 डायलिसिस मरीजों को नरैनी सैंपल के लिए भेजने की सूचना थी। लेकिन मात्र 9 आए। अन्य 11 मरीज नहीं आए। डा.राजपूत ने बताया कि महानगरों से ट्रेनों में आ रहे प्रवासी मजदूरों का पूल टेस्ट होगा। प्रत्येक बोगी से एक या दो संदिग्ध चिन्हित कर उनका नमूना भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने तक उन्हें सीएचसी अथवा कृषि विश्वविद्यालय क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा।
ढाई सैकड़ा प्रवासी मजदूर अस्पताल आए
बांदा। जिला अस्पताल स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला थम नहीं रहा। रविवार को सुबह से दोपहर तक लगभग ढाई सैकड़ा मजदूरों ने अपनी जांच कराई।
कुछ का शारीरिक तापमान बढ़ा पाया। लेकिन वे नरैनी सीएचसी नहीं गए। उन्हें होम क्वारंटीन में भेज दिया गया। हालांकि जिला अस्पताल में प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग और उनके स्वास्थ्य परीक्षण का जिम्मा प्रशिक्षित स्टाफ की बजाए संविदा कर्मी संभाले हैं।