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UP: बुंदेलखंड को पहली बार 500 करोड़ का पैकेज, विकास की राह खुलेगी
Sat, 23 Jul 2022 12:22 PM IST
कानपुर ब्यूरो
अनुभव अवस्थी, बांदा
अनुभव अवस्थी, बांदा
Published by: कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jul 2022 12:22 PM IST
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योगी 2.0 सरकार के पहले पेपरलेस और ऐतिहासिक बजट से प्यासे बुंदेलखंड को 500 करोड़ की सौगात मिली है। बुंदेलखंड को पहली बार विशेष तरजीह मिली है। ऐसे में वर्षों से उपेक्षित बुंदेलखंड वासियों को योगी आदित्यनाथ से अच्छे दिन आने की उम्मीद जगी है।
बुंदेलखंड कई सालों से सूखे की चपेट में है। पानी की कमी के चलते कृषि उत्पादन पूरी तरह से चौपट हो गया है। यहां के लोग सरकारों की उपेक्षा और रोजगार की कमी के चलते पलायन करने को विवश हैं। इसे देखते हुए योगी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के ऐतिहासिक बजट में बुंदेलखंड में विकास की गंगा बहाने के लिए पांच सौ करोड़ रुपये की बड़ी सौगात दी है।
घर-घर पहुंचेगा पानी
सरकार ने पानी संकट से जूझ रहे बुंदेलखंड में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए भी हर घर नल योजना का बजट 15 हजार से बढ़ाकर 19 हजार 500 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके साथ ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को पूरा होने और इस पर कॉरिडोर स्थापित करने के लिए सरकार ने आठ लाख 640 करोड़ का एमओयू साइन किया है। इस पर तेजी से काम होने की बात भी सरकार ने कही है।
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रोजगार के अभाव में होता पलायन
बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा सहित अन्य जिलों में रोजगार की भारी कमी है। इस वजह से यहां के ज्यादातर लोग सिर्फ खेती किसानी पर आश्रित हैं। इन जिलों में रोजगार नहीं होने से प्रतिवर्ष लाखों लोग महानगरों की ओर पलायन करते हैं। बुंदेलखंड के ज्यादातर गांवों में अब भी गरीबी जैसे हालात हैं।
विकास की राह खुलेगी
बुंदेलखंड के चित्रकूटधाम मंडल की बात करें तो यहां 1.50 लाख से अधिक पेंशनधारी हैं। वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन को बढ़ाकर 1000 किए जाने का फायदा यहां के लोगों को मिलेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने जो बजट पेश किया है उससे बुंदेलखंड के विकास के रास्ते खुलेंगे और पानी की समस्या का भी समाधान होगा।
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बुंदेलखंड कई सालों से सूखे की चपेट में है। पानी की कमी के चलते कृषि उत्पादन पूरी तरह से चौपट हो गया है। यहां के लोग सरकारों की उपेक्षा और रोजगार की कमी के चलते पलायन करने को विवश हैं। इसे देखते हुए योगी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के ऐतिहासिक बजट में बुंदेलखंड में विकास की गंगा बहाने के लिए पांच सौ करोड़ रुपये की बड़ी सौगात दी है।
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घर-घर पहुंचेगा पानी
सरकार ने पानी संकट से जूझ रहे बुंदेलखंड में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए भी हर घर नल योजना का बजट 15 हजार से बढ़ाकर 19 हजार 500 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके साथ ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को पूरा होने और इस पर कॉरिडोर स्थापित करने के लिए सरकार ने आठ लाख 640 करोड़ का एमओयू साइन किया है। इस पर तेजी से काम होने की बात भी सरकार ने कही है।
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रोजगार के अभाव में होता पलायन
बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा सहित अन्य जिलों में रोजगार की भारी कमी है। इस वजह से यहां के ज्यादातर लोग सिर्फ खेती किसानी पर आश्रित हैं। इन जिलों में रोजगार नहीं होने से प्रतिवर्ष लाखों लोग महानगरों की ओर पलायन करते हैं। बुंदेलखंड के ज्यादातर गांवों में अब भी गरीबी जैसे हालात हैं।
विकास की राह खुलेगी
बुंदेलखंड के चित्रकूटधाम मंडल की बात करें तो यहां 1.50 लाख से अधिक पेंशनधारी हैं। वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन को बढ़ाकर 1000 किए जाने का फायदा यहां के लोगों को मिलेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने जो बजट पेश किया है उससे बुंदेलखंड के विकास के रास्ते खुलेंगे और पानी की समस्या का भी समाधान होगा।