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पांच माह से वेतन, पेंशन नहीं
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5 month se vetan pansion nahi
- फोटो : BANDA
बांदा। पांच माह से वेतन और पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे जल निगम कर्मियों ने शुक्रवार को संघर्ष समिति के बैनर तले यहां मंडल मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। कहा कि जल निगम को जल शक्ति मंत्रालय में ही रखा जाए तो स्थिति बेहतर हो सकती है। 16 फरवरी से क्रमिक और 23 से आमरण अनशन की चेतावनी दी।
16वीं शाखा कार्यालय परिसर में जल निगम संघर्ष समिति बांदा यूनिट के बैनर तले बड़ी संख्या में महिला पुुरुष जल कर्मी धरने में बैठे। हाथों में मांगों की तख्तियां थीं। निगम कर्मियों का जत्था प्रदर्शन के रूप में कलक्ट्रेट आया। सिटी मजिस्ट्रेट केशव नाथ को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों को 5 माह से वेतन/पेंशन नहीं मिला। वर्ष 2016 से रिटायर कर्मियों का बकाया नहीं दिया गया। वर्ष 2018 से मृतक आश्रित नियुक्ति बंद है। संघर्ष समिति जिला समिति आरके राना ने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो केंद्रीय कार्यकारिणी द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 16 से 22 फरवरी तक क्रमिक अनशन और 22 फरवरी से आमरण अनशन होगा।
जल निगम कर्मचारी महासंघ प्रांतीय अध्यक्ष एसके सिंह भी प्रदर्शन में शामिल थे। कहा कि 1975 में राजकीय विभाग से निगम बना देने से विभाग के सेंटेज में 41 फीसदी कमी आई। इसे बढ़ाने के अनुरोध पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया। अभियंता पबीर सिंह ने कहा कि 2100 करोड़ का विभाग का सेंटेज बाकी है। सरकार यह भुगतान कर दे तो जल निगम कर्मियों का वेतन/पेंशन आसानी से मिल जाए। साथ ही विभाग को जल शक्ति मंत्रालय में संचालित करने की मांग की। ज्ञापन और प्रदर्शन में गौरव चौधरी, संतोष कुमार, मनोज कुमार, सुशील कुमार वर्मा, बीके सिंह, प्रद्युमभन कुमार, सुनील चौहान, दीपू वर्मा, उमाचरन, एनके जैन, बैजनाथ साहू, रामकृपाल पाल, लक्ष्मण, जगरूप सिंह आदि थे।
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16वीं शाखा कार्यालय परिसर में जल निगम संघर्ष समिति बांदा यूनिट के बैनर तले बड़ी संख्या में महिला पुुरुष जल कर्मी धरने में बैठे। हाथों में मांगों की तख्तियां थीं। निगम कर्मियों का जत्था प्रदर्शन के रूप में कलक्ट्रेट आया। सिटी मजिस्ट्रेट केशव नाथ को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों को 5 माह से वेतन/पेंशन नहीं मिला। वर्ष 2016 से रिटायर कर्मियों का बकाया नहीं दिया गया। वर्ष 2018 से मृतक आश्रित नियुक्ति बंद है। संघर्ष समिति जिला समिति आरके राना ने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो केंद्रीय कार्यकारिणी द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 16 से 22 फरवरी तक क्रमिक अनशन और 22 फरवरी से आमरण अनशन होगा।
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जल निगम कर्मचारी महासंघ प्रांतीय अध्यक्ष एसके सिंह भी प्रदर्शन में शामिल थे। कहा कि 1975 में राजकीय विभाग से निगम बना देने से विभाग के सेंटेज में 41 फीसदी कमी आई। इसे बढ़ाने के अनुरोध पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया। अभियंता पबीर सिंह ने कहा कि 2100 करोड़ का विभाग का सेंटेज बाकी है। सरकार यह भुगतान कर दे तो जल निगम कर्मियों का वेतन/पेंशन आसानी से मिल जाए। साथ ही विभाग को जल शक्ति मंत्रालय में संचालित करने की मांग की। ज्ञापन और प्रदर्शन में गौरव चौधरी, संतोष कुमार, मनोज कुमार, सुशील कुमार वर्मा, बीके सिंह, प्रद्युमभन कुमार, सुनील चौहान, दीपू वर्मा, उमाचरन, एनके जैन, बैजनाथ साहू, रामकृपाल पाल, लक्ष्मण, जगरूप सिंह आदि थे।
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