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दो और बंदियों की मौत पर आयोग ने मांगे अभिलेख
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बांदा। जेल में बंदियों की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने यहां के जेल अधिकारियों पर एक सप्ताह के अंदर दूसरी बार नोटिस जारी की है। पिछले साल दो बंदियों की मौत के मामले में आयोग ने न्यायिक जांच रिपोर्ट और मृत्यु से संबंधित समस्त अभिलेख तलब किए हैं। मृतक बंदियों के परिजनों ने मारपीट की आशंका व्यक्त की थी।
बदौसा थाना क्षेत्र के सिद्धदोष बंदी धुनई उर्फ शिवसेवक पुत्र बासदेव हत्या के मामले में वर्ष वर्ष 2016 से जेल में था। 11 अप्रैल 2018 को उसकी जेल में मौत हो गई। इसी तरह पैलानी थाना क्षेत्र निवासी विचाराधीन बंदी शिव सिंह पुत्र कल्लू सिंह भी दहेज हत्या के मामले में जनवरी 2017 से जेल में बंद था। दो मई 2018 को उसकी भी मौत हो गई थी। जेल अधिकारियों ने दोनों मौत की वजह बीमारी बताई थी। उधर, मृतकों के परिजनों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायती पत्र भेजकर जेल में उत्पीडन व मारपीट के आरोप लगाए थे।
कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, लखनऊ के वरिष्ठ अधीक्षक वीके सिंह ने आयोग के आदेशों का हवाला देते हुए यहां वरिष्ठ जेल अधीक्षक को भेजे पत्र में निर्देश दिए हैं कि दोनों बंदियों की स्वास्थ्य परीक्षण, शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कैसेट/सीडी, उपचार से संबंधित अभिलेख, बिसरा रिपोर्ट व न्यायिक जांच रिपोर्ट आदि एक सप्ताह के अंदर आयोग को उपलब्ध कराई जाए।
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बदौसा थाना क्षेत्र के सिद्धदोष बंदी धुनई उर्फ शिवसेवक पुत्र बासदेव हत्या के मामले में वर्ष वर्ष 2016 से जेल में था। 11 अप्रैल 2018 को उसकी जेल में मौत हो गई। इसी तरह पैलानी थाना क्षेत्र निवासी विचाराधीन बंदी शिव सिंह पुत्र कल्लू सिंह भी दहेज हत्या के मामले में जनवरी 2017 से जेल में बंद था। दो मई 2018 को उसकी भी मौत हो गई थी। जेल अधिकारियों ने दोनों मौत की वजह बीमारी बताई थी। उधर, मृतकों के परिजनों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायती पत्र भेजकर जेल में उत्पीडन व मारपीट के आरोप लगाए थे।
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कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, लखनऊ के वरिष्ठ अधीक्षक वीके सिंह ने आयोग के आदेशों का हवाला देते हुए यहां वरिष्ठ जेल अधीक्षक को भेजे पत्र में निर्देश दिए हैं कि दोनों बंदियों की स्वास्थ्य परीक्षण, शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कैसेट/सीडी, उपचार से संबंधित अभिलेख, बिसरा रिपोर्ट व न्यायिक जांच रिपोर्ट आदि एक सप्ताह के अंदर आयोग को उपलब्ध कराई जाए।
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