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40 मिनट चौतरफा हुई ओलों की बौछार
ब्यूरो/ अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 27 Feb 2015 11:35 PM IST
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होली का रंग पकड़ रहे मौसम में शुक्रवार की शाम अचानक
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आए बड़े बदलाव ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। कुछेक इलाकाें को छोड़कर
पूरे जनपद में लगभग 40 मिनट तक गिरे ओले और बारिश ने किसानों के चेहरे पर
हवाइयां उड़ा दीं।
सड़के सफेद बर्फ से पट गईं। हाइवे पर वाहन ठहर गए। कई दिनों से लगातार बढ़ रहा तापमान भी कई डिग्री नीचे आ गिरा। पिछले करीब एक पखवारे से मौसम साफ था। रोजाना धूप के तेवर तीखे होने से तापमान भी तेजी से बढ़ता रहा।
मौसम के तेवरों से होली की आहट मिलने लगी थी। इसी बीच शुक्रवार को शाम सूरज ढलने के बाद अचानक छाए बादलों ने खासा कहर ढाया। तेज गड़गड़ाहट के बीच चित्रकूट जनपद की सीमा से लेकर नरैनी, बबेरू, अतर्रा, बदौसा आदि क्षेत्रों में शाम करीब साढ़े 6 बजे से ओलावृष्टि शुरू हो गई।
कहीं बड़े तो कहीं छोटे साइज के ओलों से सड़के और खेत पट गए। नरैनी क्षेत्र के बरईमानपुर के प्रगतिशील किसान लाल खां ने बताया कि बरईमानपुर, काजीपुर, खानपुर, अकबरपुर गांवों में जमकर ओले गिरे। इनका साइज मटर से लेकर आंवले के बराबर था।
बदौसा प्रतिनिधि के मुताबिक बदौसा कस्बे में नेशनल हाइवे बर्फ के टुकड़ों से पट गया। वाहन जहां के तहां खड़े हो गए। फतेहगंज, बरछा ब, दुबरिया, तरसूमा, पछपेढ़िया, तुर्रा आदि गांवों में बर्फ की चादर बिछ गई। कहीं से लौट रहे नायब तहसीलदार अतर्रा और बदौसा थानाध्यक्ष ने अपने वाहन सड़काें पर छोड़कर सड़क किनारे मकान में दुबकर जान बचाई।
अतर्रा प्रतिनिधि के मुताबिक शाम करीब पौने 7 बजे अतर्रा नगर समेत आसपास के गांवाें में ओलों की बौछार लग गई। बर्फ के कुछ टुकड़े तो 50 ग्राम तक वजन के बताए गए।
उधर, मुख्यालय बांदा शहर में भी लगभग 40 मिनट तेज बारिश हुई। 20 मिलीमीटर से ज्यादा वर्षा रिकार्ड की गई। लाइनों में फाल्ट आने से शहर के कई इलाकों की बिजली गुल हो गई। यह देर रात तक बहाल नहीं हो पाई। कुछ देर बाद मौसम साफ हो गया और आकाश में तारे झिलमिलाने लगे।
सड़के सफेद बर्फ से पट गईं। हाइवे पर वाहन ठहर गए। कई दिनों से लगातार बढ़ रहा तापमान भी कई डिग्री नीचे आ गिरा। पिछले करीब एक पखवारे से मौसम साफ था। रोजाना धूप के तेवर तीखे होने से तापमान भी तेजी से बढ़ता रहा।
मौसम के तेवरों से होली की आहट मिलने लगी थी। इसी बीच शुक्रवार को शाम सूरज ढलने के बाद अचानक छाए बादलों ने खासा कहर ढाया। तेज गड़गड़ाहट के बीच चित्रकूट जनपद की सीमा से लेकर नरैनी, बबेरू, अतर्रा, बदौसा आदि क्षेत्रों में शाम करीब साढ़े 6 बजे से ओलावृष्टि शुरू हो गई।
कहीं बड़े तो कहीं छोटे साइज के ओलों से सड़के और खेत पट गए। नरैनी क्षेत्र के बरईमानपुर के प्रगतिशील किसान लाल खां ने बताया कि बरईमानपुर, काजीपुर, खानपुर, अकबरपुर गांवों में जमकर ओले गिरे। इनका साइज मटर से लेकर आंवले के बराबर था।
बदौसा प्रतिनिधि के मुताबिक बदौसा कस्बे में नेशनल हाइवे बर्फ के टुकड़ों से पट गया। वाहन जहां के तहां खड़े हो गए। फतेहगंज, बरछा ब, दुबरिया, तरसूमा, पछपेढ़िया, तुर्रा आदि गांवों में बर्फ की चादर बिछ गई। कहीं से लौट रहे नायब तहसीलदार अतर्रा और बदौसा थानाध्यक्ष ने अपने वाहन सड़काें पर छोड़कर सड़क किनारे मकान में दुबकर जान बचाई।
अतर्रा प्रतिनिधि के मुताबिक शाम करीब पौने 7 बजे अतर्रा नगर समेत आसपास के गांवाें में ओलों की बौछार लग गई। बर्फ के कुछ टुकड़े तो 50 ग्राम तक वजन के बताए गए।
उधर, मुख्यालय बांदा शहर में भी लगभग 40 मिनट तेज बारिश हुई। 20 मिलीमीटर से ज्यादा वर्षा रिकार्ड की गई। लाइनों में फाल्ट आने से शहर के कई इलाकों की बिजली गुल हो गई। यह देर रात तक बहाल नहीं हो पाई। कुछ देर बाद मौसम साफ हो गया और आकाश में तारे झिलमिलाने लगे।