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वरीक्षा में बासा भोजन खाने से 35 लोग बीमार
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तिंदवारी पीएचसी में फर्श पर पड़े फूड प्वायजनिंग के शिकार मरीज।
- फोटो : BANDA
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तिंदवारी। शादी की रस्म वरीक्षा में बासी खाना खाकर 35 लोग बीमार हो गए। इनमें अधिकांश की हालत झोलाछाप से इलाज कराने से हालत बिगड़ी। इसके बाद उन्हें पीएचसी और प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया गया। फूड प्वायजनिंग का शिकार हुए इन सभी का पीएचसी में इलाज हो रहा है।
रजवा डेरा (माचा) गांव में शुक्रवार को राजकुमार के पुत्र राजेश की वरीक्षा थी। इसमें कुछ खाना बच जाने पर शनिवार को सुबह नाश्ते में यह बासी खाना खाया गया। कुछ ही देर बाद 30-35 लोगों को उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत हो गई। पड़ोसी गांव माचा, बेंदा घाट और जौहरपुर के करीब आधा दर्जन डाक्टरों ने आकर इलाज किया। शाम तक बीमारों की हालत में कुछ सुधार होने लगा।
झोला छाप लगभग 20 हजार रुपये लेकर चलते बने। देर शाम फिर बीमारों की हालत पलट गई। इन सभी को आनन-फानन रविवार को सुबह एंबुलेंस और निजी वाहनों से तिंदवारी पीएचसी लाया गया। इसके अलावा लगभग 20 लोगों को बेंदा घाट में निजी अस्पतालों में इलाज कराया जा रहा है। पीएचसी में भर्ती मरीजों में अमित (15), पायल (11), संगीता (35), निधि (18), गया प्रसाद (55), रानी (17), रामकुमार (60), बसंत कुमार (35), निशा (15), रीता (17), आकाश (9), चमेलिया (50), शिव प्रताप (34), सियाराम (30) और नीतू (19) आदि शामिल हैं।
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उधर, पीएचसी में भी अव्यवस्थाएं रहीं। बीमारों को जमीन पर ही लिटाकर इलाज किया गया। परिजनों का कहना था कि कुछ गोलियां देकर चलता कर दिया। कई मरीजों को अभी भी आराम नहीं मिला है। उधर, तीमारदारों ने बाजार से दवा मंगवाने का भी आरोप लगाया। उधर, पीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.दिनेशचंद्र ने बताया कि बासी भोजन खाने से फूड प्याजनिंग हुई है। सबका इलाज किया जा रहा है। झोला छाप डाक्टरों द्वारा इलाज किए जाने की जांच कराई जाएगी।
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रजवा डेरा (माचा) गांव में शुक्रवार को राजकुमार के पुत्र राजेश की वरीक्षा थी। इसमें कुछ खाना बच जाने पर शनिवार को सुबह नाश्ते में यह बासी खाना खाया गया। कुछ ही देर बाद 30-35 लोगों को उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत हो गई। पड़ोसी गांव माचा, बेंदा घाट और जौहरपुर के करीब आधा दर्जन डाक्टरों ने आकर इलाज किया। शाम तक बीमारों की हालत में कुछ सुधार होने लगा।
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झोला छाप लगभग 20 हजार रुपये लेकर चलते बने। देर शाम फिर बीमारों की हालत पलट गई। इन सभी को आनन-फानन रविवार को सुबह एंबुलेंस और निजी वाहनों से तिंदवारी पीएचसी लाया गया। इसके अलावा लगभग 20 लोगों को बेंदा घाट में निजी अस्पतालों में इलाज कराया जा रहा है। पीएचसी में भर्ती मरीजों में अमित (15), पायल (11), संगीता (35), निधि (18), गया प्रसाद (55), रानी (17), रामकुमार (60), बसंत कुमार (35), निशा (15), रीता (17), आकाश (9), चमेलिया (50), शिव प्रताप (34), सियाराम (30) और नीतू (19) आदि शामिल हैं।
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उधर, पीएचसी में भी अव्यवस्थाएं रहीं। बीमारों को जमीन पर ही लिटाकर इलाज किया गया। परिजनों का कहना था कि कुछ गोलियां देकर चलता कर दिया। कई मरीजों को अभी भी आराम नहीं मिला है। उधर, तीमारदारों ने बाजार से दवा मंगवाने का भी आरोप लगाया। उधर, पीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.दिनेशचंद्र ने बताया कि बासी भोजन खाने से फूड प्याजनिंग हुई है। सबका इलाज किया जा रहा है। झोला छाप डाक्टरों द्वारा इलाज किए जाने की जांच कराई जाएगी।