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बुंदेलखंड राज्य की जनसूचना गृह मंत्रालय के पाले में
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बांदा। बुंदेलखंड राज्य निर्माण से संबंधित प्रक्रिया की गेंद केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार के पाले में डाल दी है। उधर, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पर जानकारी देने के लिए राजस्व विभाग पर टाल दिया है।
जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत आरटीआई एक्टीविस्ट कुलदीप शुक्ला ने प्रधानमंत्री कार्यालय से सूचना मांगी थी कि बुंदेलखंड राज्य बनाने के लिए केंद्र सरकार ने क्या कार्रवाइयां की हैं? यह कब तक संभावित है? दोनों राज्यों के कौन-कौन से जनपद शामिल होंगे? इत्यादि।
इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय अवर सचिव और केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी प्रवीन कुमार ने मांगी गई जानकारी का आवेदन केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय (नार्थ ब्लाक, नई दिल्ली) को भेज दिया है। वहां के नोडल आरटीआई अधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि यथोचित कार्रवाई के लिए यह पत्र भेजा जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने आरटीआई एक्टीविस्ट श्री शुक्ल को सलाह दी है कि इस बारे में आगे की जानकारी के लिए गृह मंत्रालय के लोक प्राधिकरण से संपर्क करें।
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उधर, श्री शुक्ल द्वारा कमोवेश यही जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव से मांगी थी। सोमवार (25 फरवरी) को मुख्य सचिव कार्यालय के अनु सचिव और जन सूचना अधिकारी राधेश्याम ने प्रदेश के राजस्व विभाग को भेजे पत्र में कहा है कि आवेदक द्वारा आरटीआई में मांगी गई सूचनाएं शीघ्र उपलब्ध करा दें। साथ ही आरटीआई एक्टीविस्ट ने कहा कि अगली सूचना के लिए राजस्व विभाग के जन सूचना अधिकारी से पत्र व्यवहार करें।
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जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत आरटीआई एक्टीविस्ट कुलदीप शुक्ला ने प्रधानमंत्री कार्यालय से सूचना मांगी थी कि बुंदेलखंड राज्य बनाने के लिए केंद्र सरकार ने क्या कार्रवाइयां की हैं? यह कब तक संभावित है? दोनों राज्यों के कौन-कौन से जनपद शामिल होंगे? इत्यादि।
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इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय अवर सचिव और केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी प्रवीन कुमार ने मांगी गई जानकारी का आवेदन केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय (नार्थ ब्लाक, नई दिल्ली) को भेज दिया है। वहां के नोडल आरटीआई अधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि यथोचित कार्रवाई के लिए यह पत्र भेजा जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने आरटीआई एक्टीविस्ट श्री शुक्ल को सलाह दी है कि इस बारे में आगे की जानकारी के लिए गृह मंत्रालय के लोक प्राधिकरण से संपर्क करें।
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उधर, श्री शुक्ल द्वारा कमोवेश यही जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव से मांगी थी। सोमवार (25 फरवरी) को मुख्य सचिव कार्यालय के अनु सचिव और जन सूचना अधिकारी राधेश्याम ने प्रदेश के राजस्व विभाग को भेजे पत्र में कहा है कि आवेदक द्वारा आरटीआई में मांगी गई सूचनाएं शीघ्र उपलब्ध करा दें। साथ ही आरटीआई एक्टीविस्ट ने कहा कि अगली सूचना के लिए राजस्व विभाग के जन सूचना अधिकारी से पत्र व्यवहार करें।