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मवई में डायरिया फैला, 12 मरीज अस्पताल भर्ती
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:19 PM IST
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बांदा। बारिश, उमस के चलते संक्रामक रोग डायरिया का प्रकोप शुरू हो गया है। जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर मवई गांव के 12 डायरिया पीड़ितों बीमारों को शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शनिवार को लगभग 15 डायरिया पीड़ित जिला अस्पताल में भर्ती हुए। मवई के अनुज (4), संध्या (6), आयुष (3), अंकित (6), अर्जुन (6), धरमवीर (32), ज्ञानेंद्र (20), रामदीन (35), सुतिया (55), राहुल श्रीवास (33), कुंदन (19) व परदेसी (61) शामिल हैं।
इनके अलावा अंश (5) परशुराम तालाब, दिनेश (30) अलीगंज, दत्तोबाई (65) हरदौली कांशीराम कालोनी और सतीनिया (64) त्रिवेणी भी जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। उधर, मवई गांव के सपा नेता रामकिशुन उर्फ लल्लू पहलवान समेत तमाम ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से कैंप लगाकर मरीजों की जांच और मुफ्त दवाएं देने की मांग की है।
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अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों के मुताबिक अभी गांव में कई बीमार हैं और प्राइवेट क्लीनिक व झोलाछाप डाक्टरों के यहां इलाज करा रहे हैं। ट्रामा सेंटर के आकस्मिक चिकित्साधिकारी डा.विनीत सचान ने कहा कि बारिश और नमी वाले मौसम में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। इससे पेट का डाइजेशन गड़बड़ा जाने पर दस्त शुरू हो जाते हैं।
ऐसे मौसम में डायरिया व पेट दर्द आदि रोगों से बचाव के लिए हल्का व ताजा भोजन करें। पानी क्लोरीनयुक्त या उबालकर पिएं। रात को खाना खाकर टहलें जरूर। बाहर की चीजों से खुद और बच्चों को परहेज कराएं।
-बारिश, उमस और गर्मी से बढ़ने लगे रोगी
-ग्रामीणों ने मवई में स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
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शनिवार को लगभग 15 डायरिया पीड़ित जिला अस्पताल में भर्ती हुए। मवई के अनुज (4), संध्या (6), आयुष (3), अंकित (6), अर्जुन (6), धरमवीर (32), ज्ञानेंद्र (20), रामदीन (35), सुतिया (55), राहुल श्रीवास (33), कुंदन (19) व परदेसी (61) शामिल हैं।
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इनके अलावा अंश (5) परशुराम तालाब, दिनेश (30) अलीगंज, दत्तोबाई (65) हरदौली कांशीराम कालोनी और सतीनिया (64) त्रिवेणी भी जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। उधर, मवई गांव के सपा नेता रामकिशुन उर्फ लल्लू पहलवान समेत तमाम ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से कैंप लगाकर मरीजों की जांच और मुफ्त दवाएं देने की मांग की है।
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अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों के मुताबिक अभी गांव में कई बीमार हैं और प्राइवेट क्लीनिक व झोलाछाप डाक्टरों के यहां इलाज करा रहे हैं। ट्रामा सेंटर के आकस्मिक चिकित्साधिकारी डा.विनीत सचान ने कहा कि बारिश और नमी वाले मौसम में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। इससे पेट का डाइजेशन गड़बड़ा जाने पर दस्त शुरू हो जाते हैं।
ऐसे मौसम में डायरिया व पेट दर्द आदि रोगों से बचाव के लिए हल्का व ताजा भोजन करें। पानी क्लोरीनयुक्त या उबालकर पिएं। रात को खाना खाकर टहलें जरूर। बाहर की चीजों से खुद और बच्चों को परहेज कराएं।
-बारिश, उमस और गर्मी से बढ़ने लगे रोगी
-ग्रामीणों ने मवई में स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो