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बुंदेलखंड के चटियल इलाकों में लगेंगे 2100 हैंडपंप
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 12 May 2016 11:29 PM IST
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हैंडपंप
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। बुंदेलखंड की चट्टानोें को चीरकर हैंडपंप लगाए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने अलग से बजट और हैंडपंपों का जिलेवार आवंटन किया है। मैदानी इलाकों की अपेक्षा चट्टानी क्षेत्रों में हैंडपंप साढ़े 19 हजार रुपये से ज्यादा महंगा पड़ेगा। बुंदेलखंड के सातों जनपदों में 2100 हैंडपंप लगाए जाएंगे। इनके अलावा 1066 हैंडपंप मैदानी क्षेत्रों में भी लगेंगे। इनके लिए 21 करोड़ 57 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। चटियल मैदानों में हैंडपंप लगाने पर 69,666 रुपये लागत आएगी।
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बुंदेलखंड के अधिकांश इलाकों में धरती चटियल है। हैंडपंप के लिए बोर में चट्टानें आड़े आ जाती है। भारी भरकम मशीनों से इन्हें तोड़कर बोरिंग करने में जल निगम या अन्य कार्यदाई संस्थाओं को दांतों पसीने आते हैं। बोरिंग मेें समय और लागत ज्यादा आती है। इसी के मद्देनजर शासन ने चट्टानी इलाकों के लिए अलग हैंडपंप आवंटित किए हैं।
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सातों जनपदों में कुल 2100 हैंडपंप चट्टानी स्थलोें पर लगेंगे। सबसे ज्यादा 600 हैंडपंप झांसी को आवंटित हुए हैं। बांदा को 100, महोबा और चित्रकूट को पांच-पांच सौ और ललितपुर को 400 हैंडपंपों का आवंटन हुआ है। प्रदेश सरकार ने कुल 3226 इंडिया मार्क-2 हैंडपंप के लिए 21 करोड़ 57 लाख 28 हजार स्वीकृत किए हैं।
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