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20 साल बाद भी नहीं आई स्वच्छ शौचालय जागरूकता
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 09 Jul 2016 11:53 PM IST
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स्वच्छता मिशन कार्यशाला को संबोधित करते मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। 20 साल से चल रही स्वच्छ शौचालय अनुदान योजना के बाद भी खुले में शौच की प्रवृत्ति पर मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू ने हैरत जताई। कहा कि मंडल के चारों जिलों में इंटर व डिग्री कालेज के छत्र-छात्राओं को स्वच्छता के फायदे और नुकसान बताकर इस अभियान से जोड़ा जाना चाहिए।
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शनिवार को जेएन डिग्री कालेज सभागार में पेयजल एवं स्वच्छता सहयोग संगठन उत्तर प्रदेश और राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (ग्राम्य विकास विभाग) द्वारा आयोजित जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के एक दिवसीय कार्यशाला में आयुक्त ने उपस्थित लोगों से इस बारे में सुझाव मांगे।
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कहा कि हर स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम हो। उन्होंने पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए पौधारोपण जरूरी बताया। बताया कि 11 जुलाई को पूरे प्रदेश में पांच करोड़ पौधे रोपे जा रहे हैं। विश्व जनसंख्या दिवस भी मनाया जाएगा।
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कार्यशाला में पेयजल और स्वच्छता संबंधी गांवों में आयोजित की जा रहीं आठ गतिविधियां बताईं गईं। इनमें नुक्कड़ नाटक, जल गुणवत्ता जांच, सामाजिक मानचित्रण, आंगनबाड़ी केंद्रों में महिलाओं की क्षमता वृद्धि, प्रोजेक्टर से जागरूकता कार्याक्रम, स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति सदस्यों का प्रशिक्षण, पेयजल और स्वच्छता समिति सदस्यों का प्रशिक्षण और स्वच्छता मेला आयोजन शामिल है। सीडीओ आरके सिंह ने भी स्वच्छ शौचालय का महत्व बताया। उप निदेशक एसएन सिंह, डीपीआरओ आनंद प्रकाश श्रीवास्तव, जिला समाज कल्याण अधिकारी मुकेश गुप्ता और जेएन डिग्री कालेज प्राचार्य डॉ. नंदलाल शुक्ल उपस्थित रहे।