फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   18 thousand women of Mandal did not get employment due to attitude of banks

बैंकों के रवैए से मंडल की 18 हजार महिलाओं को नहीं मिला रोजगार

Fri, 28 Aug 2020 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2020 11:45 PM IST
विज्ञापन
18 thousand women of Mandal did not get employment due to attitude of banks
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के स्वयं सहायता समूहों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आत्मनिर्भर बनाने में बैंक रोड़ा बने हैं। चालू वित्तीय वर्ष में मंडल के चारों जिलों से 2152 आवेदन बैंकों को भेजे गए थे। इनमें 476 ही स्वीकृत हुए।
विज्ञापन

1676 समूहों के आवेदन बैंकों में लंबित हैं। इस कारण इनसे जुड़ीं 18,436 महिलाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा। इस रवैए पर प्रदेश के संयुक्त मिशन निदेशक ने असंतोष जताते हुए मंडल के उपायुक्तों से रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन

चित्रकूटधाम मंडल में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चारों जिलों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत करीब 20 हजार स्वयं सहायता समूह चल रहे हैं। इन्हें विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने के लिए बैंकों के माध्यम से पांच से 20 लाख रुपये तक की कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) बनवाकर ऋण दिलाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चालू वित्तीय वर्ष में मंडल के चारों जिलों से 2152 स्वयं सहायता समूहों के आवेदन विभिन्न बैंकों को भेजे गए थे, लेकिन बैंकों ने समूहों को ऋण देने में दिलचस्पी नहीं ली। 1676 आवेदन बैंकों ने ठंडे बस्ते में डाल रखे हैं। प्रदेश के संयुक्त मिशन निदेशक मथुरा प्रसाद मिश्रा ने असंतोष जताते हुए जिलों के उपायुक्त (स्वत: रोजगार) से ऋण प्रकरणों की रिपोर्ट तलब की है। कहा कि शासन स्तर पर बैंकों के महाप्रबंधकों से साथ बैठक करके प्रकरणों का निस्तारण कराया जाएगा।
बैंकों को भेजे ऋण आवेदनों की स्थिति
जिला आवेदन स्वीकृत लंबित
बांदा 580 152 428
चित्रकूट 539 94 445
महोबा 583 178 405
हमीरपुर 450 54 398
योग 2152 476 1676
10 हजार महिलाओं को मिला रोजगार
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मंडल में 17 हजार से अधिक समूह सक्रिय हैं। इनके एक हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह अचार, मुरब्बा, बच्चों की यूनिफार्म सिलाई, जैविक खाद, पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर, दलिया, सौर ऊर्जा लैंप, एलईडी बल्व, दुग्ध उत्पादन, बकरी पालन आदि कार्य कर रहे हैं। इससे 10 हजार से अधिक ग्रामीण महिलाएं स्व: रोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं।

प्रवासी महिलाओं के लिए वरदान बने समूह
मंडल में स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित कुटीर उद्योग और छोटे व्यवसाय प्रवासी महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। एलआरएम उपायुक्त कृष्ण करुणाकरन पांडेय के अनुसार बांदा में 700, महोबा में 400, चित्रकूट में 500, हमीरपुर में 300 प्रवासी महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर रोजगार दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed