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मंडल में 24 फीसदी कम हुई खरीद
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बांदा। फरवरी खत्म होने के साथ ही धान की खरीद भी खत्म हो गई। यह पिछले चार महीनों से चल रही थी। अबकी भी चित्रकूटधाम मंडल में खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। मात्र 76 फीसदी खरीद हुई। गुरुवार को अंतिम दिन गिनेचुने किसानों ने ही धान बेंचा। अधिकांश खरीद केंद्र बंद रहे।
चित्रकूटधाम मंडल में धान खरीद की शुरूआत पहली नवंबर 2018 से हुई थी। 87,300 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित था। सरकार की तमाम कोशिशों और कवायदों के बावजूद यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।
इसमें खरीद एजेंसियों की अड़ंगेबाजी भी आड़े आई। गुरुवार 28 फरवरी को खरीद बंद हो गई। मंडल में 13,239 किसानों का कुल 66,379 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। किसानों को एक अरब 14 करोड़ 79 लाख का भुगतान किया गया। दो करोड़ 59 लाख रुपया अभी बकाया है।
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बांदा 83 और चित्रकूट में मात्र 36 फीसदी खरीद
बांदा। धान खरीद के लिए बांदा जिले में 39 क्रय केंद्र खोले गए थे। इनमें 11,498 किसानों का 59,488 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। यह 83 फीसदी रहा। खरीद का लक्ष्य 71,500 एमटी था।
किसानों को एक अरब पांच करोड़ 29 लाख रुपये में एक अरब, तीन करोड़ दो लाख का भुगतान किया गया। 2.27 करोड़ अभी बकाया है। इसी तरह चित्रकूट जिले में 13 क्रय केंद्र खोले गए थे। यहां 1317 किसानों का 5,232 एमटी धान खरीदा गया। जबकि लक्ष्य 14,500 एमटी था। खरीद 36 फीसदी रही। यहां 9.26 लाख में 8.83 लाख का भुगतान हुआ। 42 लाख बकाया है।
पीसीएफ ने रोके सवा दो करोड़
बांदा। प्रदेश सरकार ने धान खरीद का भुगतान 24 घंटे के अंदर करने के सख्त निर्देश दिए थे, लेकन पीसीएफ के खरीद केंद्रों पर इन आदेशों का पालन नहीं हुआ। बांदा में 9 केंद्रों पर 1871 किसानों का 8,146 मीट्रिक टन धान खरीदा।
1441 लाख रुपये में मात्र 1214 लाख का ही भुगतान किया गया। किसानों का दो करोड़ 27 लाख रोक लिया। चित्रकूट में 10 केंद्रों पर 1050 किसानों का 4,399 मीट्रिक टन धान खरीदा। 7.78 करोड़ में 736 लाख भुगतान किया। 42 लाख बकाया हैं।
उम्मीद के अनुरूप हुई है खरीद
किसानों का भुगतान पीसीएफ क्रय केंद्रों ने नहीं किया है। पीसीएफ प्रबंधक को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि दो दिन के अंदर किसानों का सारा भुगतान कर दिया जाए। खरीद का लक्ष्य अनुमानित दिया जाता है। खरीद उम्मीद के अनुरूप हुई है।- देवीदास, संभागीय खाद्य नियंत्रक, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।
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चित्रकूटधाम मंडल में धान खरीद की शुरूआत पहली नवंबर 2018 से हुई थी। 87,300 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित था। सरकार की तमाम कोशिशों और कवायदों के बावजूद यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।
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इसमें खरीद एजेंसियों की अड़ंगेबाजी भी आड़े आई। गुरुवार 28 फरवरी को खरीद बंद हो गई। मंडल में 13,239 किसानों का कुल 66,379 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। किसानों को एक अरब 14 करोड़ 79 लाख का भुगतान किया गया। दो करोड़ 59 लाख रुपया अभी बकाया है।
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बांदा 83 और चित्रकूट में मात्र 36 फीसदी खरीद
बांदा। धान खरीद के लिए बांदा जिले में 39 क्रय केंद्र खोले गए थे। इनमें 11,498 किसानों का 59,488 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। यह 83 फीसदी रहा। खरीद का लक्ष्य 71,500 एमटी था।
किसानों को एक अरब पांच करोड़ 29 लाख रुपये में एक अरब, तीन करोड़ दो लाख का भुगतान किया गया। 2.27 करोड़ अभी बकाया है। इसी तरह चित्रकूट जिले में 13 क्रय केंद्र खोले गए थे। यहां 1317 किसानों का 5,232 एमटी धान खरीदा गया। जबकि लक्ष्य 14,500 एमटी था। खरीद 36 फीसदी रही। यहां 9.26 लाख में 8.83 लाख का भुगतान हुआ। 42 लाख बकाया है।
पीसीएफ ने रोके सवा दो करोड़
बांदा। प्रदेश सरकार ने धान खरीद का भुगतान 24 घंटे के अंदर करने के सख्त निर्देश दिए थे, लेकन पीसीएफ के खरीद केंद्रों पर इन आदेशों का पालन नहीं हुआ। बांदा में 9 केंद्रों पर 1871 किसानों का 8,146 मीट्रिक टन धान खरीदा।
1441 लाख रुपये में मात्र 1214 लाख का ही भुगतान किया गया। किसानों का दो करोड़ 27 लाख रोक लिया। चित्रकूट में 10 केंद्रों पर 1050 किसानों का 4,399 मीट्रिक टन धान खरीदा। 7.78 करोड़ में 736 लाख भुगतान किया। 42 लाख बकाया हैं।
उम्मीद के अनुरूप हुई है खरीद
किसानों का भुगतान पीसीएफ क्रय केंद्रों ने नहीं किया है। पीसीएफ प्रबंधक को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि दो दिन के अंदर किसानों का सारा भुगतान कर दिया जाए। खरीद का लक्ष्य अनुमानित दिया जाता है। खरीद उम्मीद के अनुरूप हुई है।- देवीदास, संभागीय खाद्य नियंत्रक, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।