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तीन माह में दस किलो औषधीय मशरूम का उत्पादन
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बांदा। औषधीय मशरूम (कीड़ाजड़ी) के उत्पादन से किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। बेरोजगारों को रोजगार मिल सकता है। यह बात डीएम हीरालाल ने सोमवार को कलक्ट्रेट में हुई गोष्ठी में कही। उन्होंने कहा कि जिले में पानी की विकराल समस्या के मद्देनजर ही तालाब-कुआं जियायो अभियान शुरू किया गया है। इसमें ग्रामीण और समाज के लोग बढ़चढ़कर श्रमदान करें।
गोष्ठी में उपस्थित एंब्रोसिया कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर गौरवेंद्र गंगवार ने कहा कि औषधीय मशरूम के उत्पादन से लेकर बाजार में बिक्री तक की सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने किसानों को विस्तृत जानकारी भी दी। डा. पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि एंब्रोसिया कंपनी ने सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं।
एक हफ्ते के अंदर औषधीय मशरूम के लिए जार की आपूर्ति प्राप्त हो जाएगी। इसके बाद ही उत्पादन शुरू हो जाएगा। हर तीन माह में 10 किलो मशरूम पैदा होगी। बताया कि सारे उत्पादन को कौडिसेवेन के प्रतिशत के आधार पर कंपनी खरीदेगी।
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गोष्ठी में शामिल कई किसानों ने इसका प्रशिक्षण लेकर इस व्यवसाय को अपनाने की इच्छा जताई। गोष्ठी में सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, देवेश गंगवार, गर्विता पांडेय, गौरव शर्मा सहित कृषि उप निदेशक एके सिंह, जिला उद्यान अधिकारी परवेज अहमद और किसान विज्ञान शुक्ला, रामेश्वर राय आदि शामिल रहे।
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गोष्ठी में उपस्थित एंब्रोसिया कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर गौरवेंद्र गंगवार ने कहा कि औषधीय मशरूम के उत्पादन से लेकर बाजार में बिक्री तक की सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने किसानों को विस्तृत जानकारी भी दी। डा. पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि एंब्रोसिया कंपनी ने सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं।
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एक हफ्ते के अंदर औषधीय मशरूम के लिए जार की आपूर्ति प्राप्त हो जाएगी। इसके बाद ही उत्पादन शुरू हो जाएगा। हर तीन माह में 10 किलो मशरूम पैदा होगी। बताया कि सारे उत्पादन को कौडिसेवेन के प्रतिशत के आधार पर कंपनी खरीदेगी।
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गोष्ठी में शामिल कई किसानों ने इसका प्रशिक्षण लेकर इस व्यवसाय को अपनाने की इच्छा जताई। गोष्ठी में सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, देवेश गंगवार, गर्विता पांडेय, गौरव शर्मा सहित कृषि उप निदेशक एके सिंह, जिला उद्यान अधिकारी परवेज अहमद और किसान विज्ञान शुक्ला, रामेश्वर राय आदि शामिल रहे।