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गैंगरेप में दो को बीस साल जेल
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बांदा। झांसा देकर युवती को खजुराहो ले जाकर गैंगरेप करने के जुर्म में दो युवकों को अदालत ने 20-20 साल की जेल और 60-60 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। आरोपियों में पीड़िता युवती की नाबालिग सहेली भी शामिल है। उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई है। दोनों आरोपी घटना के बाद से ही जेल में हैं।
बिसंडा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने बबेरू कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 19 वर्षीय बेटी बबेरू कस्बे में अपने चचेरे भाई के मकान में रहकर पढ़ाई करती थी। 14 अक्तूबर 2016 की सुबह स्कूल जाते समय उसे उसकी सहेली बुआ के यहां निमंत्रण में चलने की बात कहकर साथ ले गई। रास्ते में सहेली का चचेरा भाई धर्मेंद्र उर्फ बबलू विश्वकर्मा पुत्र मिश्रीलाल (मरौली, बिसंडा) और उसका साथी राजमणि पुत्र मन्नालाल (ओरन) ने उसके हाथ-पैर बांध दिए और चार पहिया वाहन में डालकर खजुराहो (एमपी) ले गए। सहेली भी साथ रही। खजुराहो में बंद कमरे में दोनों युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों व नाबालिग सहेली के विरुद्ध धारा 363, 376डी व 506 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनों आरोपी जमानत न मिलने पर अभी भी जेल में हैं। नाबालिग सहेली जमानत पर है। पुलिस ने तफ्तीश के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
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एससी/एसटी एक्ट विशेष न्यायाधीश/द्वितीय अपर जिला सत्र न्यायाधीश बिजेंद्र कुमार शैलट ने अभियोजन व बचाव पक्ष की सुनवाई के बाद शनिवार को आरोपी धर्मेंद्र उर्फ बबलू व राजमणि को धारा 376डी में 20-20 साल की कठोर कैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर 1-1 साल की अतिरिक्त सजा होगी। धारा 366 में 7-7 साल की कठोर कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना और धारा 506 में 5-5 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई।
जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी। सभी सजाएं साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजी आशुतोष मिश्र व वरिष्ठ अधिवक्ता केजी त्रिपाठी ने पैरवी करते हुए 6 गवाह पेश किए।
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बिसंडा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने बबेरू कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 19 वर्षीय बेटी बबेरू कस्बे में अपने चचेरे भाई के मकान में रहकर पढ़ाई करती थी। 14 अक्तूबर 2016 की सुबह स्कूल जाते समय उसे उसकी सहेली बुआ के यहां निमंत्रण में चलने की बात कहकर साथ ले गई। रास्ते में सहेली का चचेरा भाई धर्मेंद्र उर्फ बबलू विश्वकर्मा पुत्र मिश्रीलाल (मरौली, बिसंडा) और उसका साथी राजमणि पुत्र मन्नालाल (ओरन) ने उसके हाथ-पैर बांध दिए और चार पहिया वाहन में डालकर खजुराहो (एमपी) ले गए। सहेली भी साथ रही। खजुराहो में बंद कमरे में दोनों युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
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पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों व नाबालिग सहेली के विरुद्ध धारा 363, 376डी व 506 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनों आरोपी जमानत न मिलने पर अभी भी जेल में हैं। नाबालिग सहेली जमानत पर है। पुलिस ने तफ्तीश के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
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एससी/एसटी एक्ट विशेष न्यायाधीश/द्वितीय अपर जिला सत्र न्यायाधीश बिजेंद्र कुमार शैलट ने अभियोजन व बचाव पक्ष की सुनवाई के बाद शनिवार को आरोपी धर्मेंद्र उर्फ बबलू व राजमणि को धारा 376डी में 20-20 साल की कठोर कैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर 1-1 साल की अतिरिक्त सजा होगी। धारा 366 में 7-7 साल की कठोर कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना और धारा 506 में 5-5 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई।
जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी। सभी सजाएं साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजी आशुतोष मिश्र व वरिष्ठ अधिवक्ता केजी त्रिपाठी ने पैरवी करते हुए 6 गवाह पेश किए।