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गर्मी ने तोड़ा रिकार्ड, बांदा में पारा 48 के पार
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बांदा। बुधवार को करीब 47.5 डिग्री पारे का पैमाना पार करके देश में सबसे गर्म जिले दर्ज होने के अगले ही दिन गुरुवार को गर्मी ने और सितम ढाया। एक डिग्री वृद्धि के साथ पारा 48.2 पहुंच गया। यह सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा था। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। रात को न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 4 डिग्री ज्यादा था। मौसम विभाग ने अगले दो दिन में गर्मी और बढ़ने की संभावना जताई है।
19 साल पूर्व वर्ष 2000 में मई माह के अंतिम सप्ताह में तापमान 49 डिग्री पहुंचा था। दक्षिण-पश्चिम से 9 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही हवाओं ने सुबह 10 बजे ही पारा 43 डिग्री पहुंचा दिया। लू के थपेड़ों ने राहगीरों की हालत पतली कर दी। शाम सूरज डूबने के बाद भी गर्म हवाएं बेचैन किए रहीं।
हमीरपुर में दूसरे दिन भी अधिकतम तापमान 48 और न्यूनतम 30.5 डिग्री सेल्सियस रहा। महोबा में अधिकतम पारा 47 और न्यूनतम 30 डिग्री के आसपास रहा। चित्रकूट में अधिकतम 46.5 व न्यूनतम 30 डिग्री रिकार्ड किया गया। केंद्रीय जल आयोग के मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन गर्मी और सितम ढा सकती है। गर्म हवा की रफ्तार बढ़ सकती है। बादलों के आने-जाने से धमस (तपन) बढने के आसार हैं।
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अधिक तापमान से खेतों की नमी गायब
बांदा। कृषि विश्वविद्यालय में कृषि विभाग के प्रवक्ता व जनसंपर्क अधिकारी डा. बीके गुप्ता ने बताया कि बढ़ते तापमान और सूखी धूप से खेतों नमी गायब हो रही है। जमीन फटने लगती है और मिट्टी कठोर हो जाती है। एक बार की सिंचाई से भी खेत की नमी नहीं लौटती। इससे पोषकतत्वों पर असर पड़ता है। नमी लाने के लिए किसानों को कई बार सिंचाई करना होगी। उन्होंने कहा कि खरीफ फसल की बुआई बारिश के मौसम होती है। इसलिए तापमान का असर उत्पादन पर नहीं पड़ेगा। ब्यूरो
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19 साल पूर्व वर्ष 2000 में मई माह के अंतिम सप्ताह में तापमान 49 डिग्री पहुंचा था। दक्षिण-पश्चिम से 9 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही हवाओं ने सुबह 10 बजे ही पारा 43 डिग्री पहुंचा दिया। लू के थपेड़ों ने राहगीरों की हालत पतली कर दी। शाम सूरज डूबने के बाद भी गर्म हवाएं बेचैन किए रहीं।
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हमीरपुर में दूसरे दिन भी अधिकतम तापमान 48 और न्यूनतम 30.5 डिग्री सेल्सियस रहा। महोबा में अधिकतम पारा 47 और न्यूनतम 30 डिग्री के आसपास रहा। चित्रकूट में अधिकतम 46.5 व न्यूनतम 30 डिग्री रिकार्ड किया गया। केंद्रीय जल आयोग के मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन गर्मी और सितम ढा सकती है। गर्म हवा की रफ्तार बढ़ सकती है। बादलों के आने-जाने से धमस (तपन) बढने के आसार हैं।
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अधिक तापमान से खेतों की नमी गायब
बांदा। कृषि विश्वविद्यालय में कृषि विभाग के प्रवक्ता व जनसंपर्क अधिकारी डा. बीके गुप्ता ने बताया कि बढ़ते तापमान और सूखी धूप से खेतों नमी गायब हो रही है। जमीन फटने लगती है और मिट्टी कठोर हो जाती है। एक बार की सिंचाई से भी खेत की नमी नहीं लौटती। इससे पोषकतत्वों पर असर पड़ता है। नमी लाने के लिए किसानों को कई बार सिंचाई करना होगी। उन्होंने कहा कि खरीफ फसल की बुआई बारिश के मौसम होती है। इसलिए तापमान का असर उत्पादन पर नहीं पड़ेगा। ब्यूरो