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एक घंटे में बरसा 15 एमएम पानी
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बांदा। झमाझम बारिश से उमस से जूझ रहे लोगों ने शुक्रवार को राहत महसूस की। लगभग एक घंटे की बारिश में करीब 15 मिलीमीटर पानी बरस गया। उधर, दिनभर बादल रहने और दोपहर बाद बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया।
मौसम जानकारों के मुताबिक, शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहने के आसार हैं। उधर, बारिश से खरीफ की कुछ फसलों को फायदा तो कुछ को नुकसान हुआ है।
शुक्रवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे।
दोपहर बाद मौसम ने करवट बदला और बादलों की गड़गड़ाहट के बीच तेज बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक झमाझम पानी बरसा। केंद्रीय जल आयोग के मौसम विभाग के मुताबिक, लगभग 15 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
अधिकतम तापमान लुढ़ककर 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम एक डिग्री कम होकर 24 डिग्री सेल्सियस हो गया। बारिश से उमसभरी गर्मी काफूर हो जाने पर लोगों ने राहत महसूस की।
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कृषि विश्वविद्यालय के मौसम व कृषि वैज्ञानिक दिनेश शाहा का कहना है कि बारिश से धान व अरहर फसल को फायदा है। जब कि उर्द, मूंग, तिल को भारी नुकसान हुआ है। यह फसलें कटने की स्थिति खड़ी थी।
बारिश से फलियां गीली हो गई हैं। आसमान खुलने पर फली खुल जाएगी और दाना खेतों में गिर जाएगा। जिन खेतों में पानी भरा है वहां फसल सड़ जाएगी। उन्होंने किसानों से खेतों में भरे पानी को हटाए जाने की अपील की है।
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मौसम जानकारों के मुताबिक, शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहने के आसार हैं। उधर, बारिश से खरीफ की कुछ फसलों को फायदा तो कुछ को नुकसान हुआ है।
शुक्रवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे।
दोपहर बाद मौसम ने करवट बदला और बादलों की गड़गड़ाहट के बीच तेज बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक झमाझम पानी बरसा। केंद्रीय जल आयोग के मौसम विभाग के मुताबिक, लगभग 15 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
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अधिकतम तापमान लुढ़ककर 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम एक डिग्री कम होकर 24 डिग्री सेल्सियस हो गया। बारिश से उमसभरी गर्मी काफूर हो जाने पर लोगों ने राहत महसूस की।
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कृषि विश्वविद्यालय के मौसम व कृषि वैज्ञानिक दिनेश शाहा का कहना है कि बारिश से धान व अरहर फसल को फायदा है। जब कि उर्द, मूंग, तिल को भारी नुकसान हुआ है। यह फसलें कटने की स्थिति खड़ी थी।
बारिश से फलियां गीली हो गई हैं। आसमान खुलने पर फली खुल जाएगी और दाना खेतों में गिर जाएगा। जिन खेतों में पानी भरा है वहां फसल सड़ जाएगी। उन्होंने किसानों से खेतों में भरे पानी को हटाए जाने की अपील की है।