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हटा दिए 140 ठेका सफाई कर्मी
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 02 Jun 2015 11:47 PM IST
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प्रदेश सरकार द्वारा नगर पालिका के फंड में 6 करोड़ रुपये सालाना की कटौती कर दिए जाने पर बांदा नगर पालिका परिषद ने अपने सभी 140 ठेका सफाई कर्मचारियों की छुट्टी कर दी है। इतनी बड़ी तादाद में अचानक सफाई कर्मचारी हटाए जाने से पूरे शहर की सफाई व्यवस्था लड़खड़ा गई है। शब-ए-बराअत पर सड़कें गंदगी से पटी रहीं।
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28 वार्डों में आबाद बांदा शहर की आबादी 2 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। मानक के मुताबिक नगर पालिका के पास सफाई कर्मचारी नहीं हैं। ऐसे में नगर पालिका ने पिछले वर्ष ठेके पर 140 सफाई कर्मचारियों को रख लिया था। इन्हें राज्य वित्त आयोग के पैसे से मानदेय दिया जा रहा था।
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इन पर 6 करोड़ रुपये सालाना खर्च हो रहा था। इसी वर्ष अप्रैल माह से इन सफाई कर्मचारियोें का मानदेय बढ़ाकर 7500 रुपये प्रतिमाह हो गया था, लेकिन फंड में कटौती से नगर पालिका पिछले 2 माह से ठेका सफाई कर्मचारियों को मानदेय नहीं दे पा रही थी। करीब दो सौ संविदा और एक सैकड़ा स्थायी सफाई कर्मियों को भी दो माह से वेतन नहीं मिल रहा था।
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सोमवार को नगर पालिका अध्यक्ष विनोद जैन ने सभी 140 ठेका कर्मचारियों को हटा दिया। इससे शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। ऐन शब-ए-बराअत के मौके पर सफाई कर्मियों को हटाए जाने से मंगलवार को शहर की मुख्य सड़कों की सफाई नहीं हो सकी।
स्थायी और संविदा कर्मचारियों को नगर पालिका सदस्यों ने अपने-अपने वार्डों मेें अपनी पंसदीदा जगहाें पर लगाकर सफाई करा ली। मुख्य सड़कों पर सफाई नहीं हुई। नगर पालिका सफाई निरीक्षक हरीशंकर निरंजन ने बताया कि आबादी के मानक के मुताबिक बांदा शहर में कम से कम 1000 सफाई कर्मी होने चाहिए, लेकिन एक तिहाई पर ही काम चलाया जा रहा था।
वित्तीय संकट के चलते हटाना पड़ा
नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष विनोद जैन ने कहा िककि प्रदेश सरकार ने नगर पालिका के राज्य वित्त आयोग बजट में 6 करोड़ रुपये सालाना की कटौती कर दी है। पिछले तीन माह से कोई बजट नहीं आया। नगर पालिका टैक्सों की वसूली भी कुछ लोगों के विरोध के चलते नहीं हो पा रही। ऐसे में पालिका के सामने वित्तीय संकट खड़ा हो गया है।
मजबूरन आउट सोर्सिंग वाले सफाई कर्मचारियों को हटाना पड़ा है। शहर की सफाई व्यवस्था में कमी नहीं आने दी जाएगी। स्थायी और संविदा कर्मी काम कर रहे हैं। 2-3 दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। बजट कटौती बहाल करने के लिए स्थानीय निकाय निदेशक को हाल ही मैं खुद पत्र देकर आई हूं।